किस के चक्कर में पड़ी आपा (KKCMPA)

[Verse 1]
किस लम्बू के चक्कर में पड़ी आपा
देख तू इसकी आधी है
घरवालों ने ठग लिया तुझे,
या खुद ही की इससे शादी है?

लंबा है माशा-अल्लाह
पर ये बहुत काम बनाने वाला है
ऊंचे रखे सामान के लिए भाई
सीढ़ी बन जाने वाला है

नापा है कभी तूने इसे
सात फीट और दो इंच घेरता है
उड़ते परिंदों के पर गिनकर
उनकी कंघी कर देता है

[Pre-Chorus]
जिंदगी ने तुझको आपा
डबल धमाका डील थमा दी है
झुक-झुक के चलता बंदा
तुझे इज़्ज़त मुफ्त दिला दी है

[Chorus]
किस लम्बू के चक्कर में पड़ी आपा
(किस लम्बू के चक्कर में)
देख तू इसकी आधी है
(देख तू इसकी आधी है)

घरवालों ने ठग लिया तुझे
(ठग लिया तुझे)
या खुद ही की इससे शादी है?
(या खुद ही की इससे शादी है?)

[Verse 2]
कुतुब मीनार के गुम्बद से
नित हाथ मिलाकर आता है
टांड़ पर रखे सामान को
बिना सीढ़ी उतार ले लाता है

बच्चे के बर्थडे पर
गुब्बारे छत तक फुला कर आएगा
सारे हुकम बजायेगा
पर सामने सर कभी न उठाएगा

तेरे सामने झुके रहने की
इसने रजिस्ट्री करवा ली है
किस लम्बू के चक्कर में पड़ी आपा
देख तू इसकी आधी है

[Bridge]
भाई है लम्बा इतना
हर चौखट में सर ठोकता है
रसोई में घुसे तो
पंखा भी कान में बोलता है

चप्पल खो जाएँ गर
आँखें पार्सल भेजनी पड़ती हैं
और बात करे तुझसे तो लगे
आकाशवाणी उतरती है।

[Chorus]
किस लम्बू के चक्कर में पड़ी आपा
(किस लम्बू के चक्कर में)
देख तू इसकी आधी है
(देख तू इसकी आधी है)

घरवालों ने ठग लिया तुझे
(ठग लिया तुझे)
या खुद ही की इससे शादी है?
(या खुद ही की इससे शादी है?)

Leave a Comment

Scroll to Top