पिता कहते थे…
[Instrumental Intro: A single lonely piano note, leading into a soft, sad bansuri flute] [Narrative – Deep emotional spoken word]पिता
[Instrumental Intro: A single lonely piano note, leading into a soft, sad bansuri flute] [Narrative – Deep emotional spoken word]पिता
[Intro][Melodic acoustic guitar strumming, slow soulful bansuri flute solo] [Verse 1]मैं बाहर की दुनिया में खोजा करता थाकोई अक्सर भीतर
हसीना पश्मीना पहन कर जा रही है!(Spoken, sharp) अब तू रिपीट करेगा!हसीना पश्मीना पहन कर जा रही है!(Spoken, indifferent) तो
लगता है मुई उम्र हो आई,लगता है मुई उम्र हो आई! लगता है मुई उम्र हो आई!इन नैनों से, इस
कुत्ते! ओ कुत्ते!ओ कुत्ते!घूर के क्या देखता है?ये तो बता आख़िर तूपूँछ हिलाकर क्यों बैठता है? कुत्ते! ओ कुत्ते!ओ कुत्ते!
ए माई, ए माई, ए माई सुन माई! तेरी पोती हुई है, सुन माई!ए माई, ए माई, ए माई सुन
अभिनेता कैमरे के आगे बहरूप दिखलाते हैं,पंडित जी गेरुआ पहनकर बड़ा तिलक लगाते हैं।नेता जी मंच पर चढ़कर लंबे भाषण
आप समझते हैं शॉर्टकट मारते जा रहे हैं मारिये, मारिये! तिकड़म बाज़ी से आसमां में उड़े जा रहे हैं उड़िए,
हे प्रभु, हे नारायण, Oh God, मैं कर लूँअपनी ज़िंदगी का Profit and Loss चैक कर लूँ?Brought Forward तो nil
तेरे इंकार की हद,और मेरी हद से गुज़र जाने की ज़िद,तुम होते गए इश्क़ में क़ुर्बान,और हुआ कुछ मैं भी
वोटर, फिर बिक जाओ रे…वोटर, फिर बिक जाओ रे… वोटर, फिर बिक जाओ रे…वोटर, फिर बिक जाओ रे…पउए में वोट
चार लोग कौन? ईन, बीन और फत्ते,इक्के-दुक्के, तिक्के-चौके, पंजे-छक्के-सत्ते-अट्ठे! ये चार लोग वो हैं, जिनको दुनिया खोज रही है,सदियाँ बीत
घर की दहलीज़ पर एक सुंदर बालक बैठा है,बालक ईश्वर का एक रूप है—ये सच लगता है। दहलीज़ किसी बड़े
सरकारी हम बैंक है न्यारा स्टाइलवी वांट अवर कस्टमर्स टू स्माइलस्टाफ है कम हम पर लोड अधिकपेंडिंग हैं हैं वैसे
मैं तो अजर अमर हूँ! पर शरीर जो दे दिया है इसका मैं क्या करूँ कैसे झगड़े दूर करूँ अंगों
बंदा बीस ग्राम अहम के साथ पैदा होता है,“अहम् ब्रह्मास्मि” का ये Nth वाला हिस्सा होता है। चट्टान से मजबूत,
रास्ते में मस्ती में चला जा रहा था,शायद कोई धुन गुनगुना रहा था। नज़र आए एक लड़का, एक लड़की,बारिश के
आप जन्म लेते हैं—ओके। आप बड़े होते हैं—ओके। आप कुछ लोगों के साथ बड़े होते हैं,आप कुछ चीज़ों के साथ
एक जामुन की कीमततुम क्या जानो, चुन्नी बाबू,बीमार मानसिकता और बेलगामलालच जब हो जाएँ बेकाबू। एक झुंड ही बर्बाद कर
अंकल जी दुकान खोल रहे हैं,डंडा हाथ में ले बुदबुदा रहे हैं। अभी काले कुत्ते को भगाया है,और लो—ग्राहक चला