प्रकृति की सबसे अनोखी कहानी(PKSAK)
एक समय था, जब धरती और समंदर साथ-साथ रहते थे।कालांतर में प्रकृति ने दोनों को अलग-अलगज़िम्मेदारियाँ सौंप दीं भिन्न भिन्न […]
एक समय था, जब धरती और समंदर साथ-साथ रहते थे।कालांतर में प्रकृति ने दोनों को अलग-अलगज़िम्मेदारियाँ सौंप दीं भिन्न भिन्न […]
तेरी चाय के कप पेमेरा नाम लिखा थाअब मेज़ पर है बुझीमोमबत्ती का धुआं तेरी चप्पल के निशानछपे हैं दरवाज़े
सफ़ेद बालों ने सर पे अब जलवा दिखा दिया हैसाठ का नहीं मैं सीनियर सिटीजन बना दिया है बुज़ुर्गों की
मैं मर्द हूँ, बेदर्द हूँमैं नहीं समझतामुझे दर्द नहीं होतातुम यूं ही मेरे दिल कोअपने तानों सेरोज के उल्हानों सेज़ख्म
कल से ज़मीन तेरे नाम लिख जाएगी,कागज़ से ज्यादा ज़ेहन पे छप जाएगीकल से ज़मींदार तू मालिक कहलाएगादौलतमंदों की ज़मात
मेरी सैलरी तू बैंक में जिस रोज़ आ जाती हैअरमानों को मेरे तू नए पंख देकर जाती हैबिजली बिल, पानी
तू जलती माचिस की तीली मैं पेट्रोल हूँ खतरनाकमेरा पास न आना तू फूंक डालूंगा ये जहान आज मटक मटक
देख बे दर्द खड़ा है वहां चल आज इसे बताते हैं आज नहीं छोड़ेंगे इसको यही पे चटनी बनाते हैं
क्या करेगा व्हाट्सएपऔर क्या करेगी एआईखुशी बांटो है व्हाट्सएपकहकहे लगाओ, व्हाट्सएपशादी ब्याह त्यौहार कोई भीसबको मनाए व्हाट्सएप क्या हो कोई
इमामदस्ते ने अदरक से ये कहा—“बहुत चर्बी चढ़ी है तुझे बेटा, तू गया!ऐसा ठोकूँगा—सीधा चाय में गिरेगा,कचूमर बना दूँगा—बस जूस
इस दिल के ख्वाब सारेतेरे नाम से सजेंतेरी बाहों में सनम हरपल सुकूं से रहें नींदों में भी बस तू
पत्थर ध्यान करते हैंअपने भीतर सहेजकरवे भगवान रखते हैं।” दिल में यादों का कोनाजहां माता पिता बसते हैंज़मीन सदा सीली
पांच फीट तीन इंच? पांच फीट तीन इंच! क्या है ये भगवन? नहीं! क्या है ये भगवन? मिट्टी खत्म हो
ज़िंदगी तुझे सलाम नमामि सलाम प्रणाम तू ही तपस्या तू ही तीर्थ चारों धाम ज़िंदगी तुझे सलाम नमामि सलाम प्रणाम
तेरह साल की बच्ची और तीन दरिंदे हैवानियत बीती पिता किससे कहे पहली औलाद थी उसकी प्यारी थी सब अरमां
ओ डोंगे ओ बर्तन पोंगे चल तुझे फेंक कर आऊं में तुझसे पक चुका हूँ चल ठिकाने लगा आऊं ओ
काय हो गया रे पगली, कायकू हँसतेच जा रई? कान में इयरपीस डालको बातां बनाये जा रई? कुछ सुन रई,
अजब तेरी दुनिया हे करतार ग़ज़ब इसके रंग हैं सुझाए पेंट की बाल्टी ऐसी धाकड़ सुंदर आइसक्रीम के डिब्बे मन
दूध दही किवालिटी वाल्स आइसक्रीम सच में नहीं बस एक बोर्ड पर लिखे हुए एक सरदार.. प्लास्टिक के घोड़े पर
किसी की बात इतनी गहरी लगी दिल में बन गयी दिल का गुबार वो वो बोलकर अपनी राह पर निकल