कौन सा खत (KSK)
[Verse 1] सुबह खाकर एक बर्गर कंधे पे लादे हुए बोझ चौक से चांदनी चौक तक बांटा करता हूँ रोज […]
[Verse 1] सुबह खाकर एक बर्गर कंधे पे लादे हुए बोझ चौक से चांदनी चौक तक बांटा करता हूँ रोज […]
[Verse 1]तेरी मोहब्बत के फूलरखे थे जो हमने किताबों मेंतेरे लिखे हुए खतबंद अलमारी में हर खत पे तेरा नामहर
[Verse 1] रेलगाड़ी की स्लीपर क्लास खिड़की की ठंडी हवा तेरे उड़ते हुए बाल थे और दिल मेरा फ़िदा न
[Intro] [ambient piano, distant cello, soft wind texture] कुछ सफर तुमने तय किया कुछ हमने तुमने पलकों पर सजाया हमने
[Verse 1] जान निकल गयी सीने से आँखें मगर खुली हैं आकर देख मंज़र एक दुनिया उजड़ गयी है दरवाज़े
[Intro] [Verse 1][male vocals enter, soft bass and light percussion]एक पार्क की बेंच परदो पुराने चेहरे मिलेकहने को अजनबी थेपर
[Verse 1]तेरी याद का झरोखाचलती ट्रेन से झाँकाखिड़की के शीशे मेंतुम्हारी झलक दिखीएक पल की दूरी मेंकुल उम्र समा गई
[Verse 1]खुद को थामते थामतेमैं जोकर बन गया हूँरोज़ छुपाता हूँ चेहरानकाब पहन रहा हूँआइने से मैं नजर चुराऊँहँसी के
[Verse 1] रेशमी ज़ुल्फ़ों से कभी गिरता था जो पानी फूल से गालों पे रुकने को तरसता पानी तेरी हँसी
[Verse 1]हाथों की लकीरों में लिखा तुम्हारा ही नाम हैरास्ते अलग हो गए हैं, कैसा ये इम्तहान हैतुम्हें तस्वीर में
[Verse 1]तेरी चाय के कप पेमेरा नाम लिखा थाअब मेज़ पर है बुझीमोमबत्ती का धुआं तेरी चप्पल के निशानछपे हैं
ये तो बड़ा टोइंग हैसच में बड़ा टोइंग हैसड़क से ये गाड़ियांटो करके ले जाता हैलिहाज़ नहीं करताजबरन ही ले
एक समय था, जब धरती और समंदर साथ-साथ रहते थे।कालांतर में प्रकृति ने दोनों को अलग-अलगज़िम्मेदारियाँ सौंप दीं भिन्न भिन्न
तेरी चाय के कप पेमेरा नाम लिखा थाअब मेज़ पर है बुझीमोमबत्ती का धुआं तेरी चप्पल के निशानछपे हैं दरवाज़े
सफ़ेद बालों ने सर पे अब जलवा दिखा दिया हैसाठ का नहीं मैं सीनियर सिटीजन बना दिया है बुज़ुर्गों की
मैं मर्द हूँ, बेदर्द हूँमैं नहीं समझतामुझे दर्द नहीं होतातुम यूं ही मेरे दिल कोअपने तानों सेरोज के उल्हानों सेज़ख्म
कल से ज़मीन तेरे नाम लिख जाएगी,कागज़ से ज्यादा ज़ेहन पे छप जाएगीकल से ज़मींदार तू मालिक कहलाएगादौलतमंदों की ज़मात
मेरी सैलरी तू बैंक में जिस रोज़ आ जाती हैअरमानों को मेरे तू नए पंख देकर जाती हैबिजली बिल, पानी
तू जलती माचिस की तीली मैं पेट्रोल हूँ खतरनाकमेरा पास न आना तू फूंक डालूंगा ये जहान आज मटक मटक
देख बे दर्द खड़ा है वहां चल आज इसे बताते हैं आज नहीं छोड़ेंगे इसको यही पे चटनी बनाते हैं