काश जिंदगी फिल्म का परदा होती(KZFKPH)
बाबूमोशाय, जिंदगी और मौत ऊपरवाले के हाथ हैं जहांपनाह।उसे ना तो आप बदल सकते हैं ना मैं।हम सब तो रंगमंच […]
बाबूमोशाय, जिंदगी और मौत ऊपरवाले के हाथ हैं जहांपनाह।उसे ना तो आप बदल सकते हैं ना मैं।हम सब तो रंगमंच […]
कचरे वाली गाड़ी जब-जब भी द्वार पे आए,असली मर्द वही जो कचरा डाल के आए। घर का सारा कचरा शहर
मैं मेहमां बन चला आता हूँतुम्हारी डोरबैल बजा देता हूँ दरवाज़ा दोस्त खोलता हैमैं बैठक में चला आता हूँ तुम
https://suno.com/s/AyurVLzAebM7hx2f हे सर्प तुझे मरना होगाक्या गरज़, तू ज़हरीला नहींएक इंसान को तूने काटा हैअंजाम तो भुगतना होगाहे सर्प तुझे
https://suno.com/s/lbuYXDnRrgfB5l0w किसी की बात इतनी गहरी लगी दिल मेंबन गयी दिल का गुबार वो वो बोलकर अपनी राह पर निकल
मेरे अंगने में उग आए छोटे नन्हे पौधेस्वागत है जो समझा तूने अपना मुझे मैं था तन्हा झांकता रोज़ खिड़की
यूट्यूब हमें तेरा भाव समझ न आएहे ऐ आई तुझसे तो हम हैं भरपाएएल्गोरिदम काहे चौड़े में फंसवाये भोर भये
लपर-लपर यूनिवर्सिटी ‘मोटिव’ “ज्ञान सोता है, आत्मविश्वास बोलता है।” स्थापना वर्ष: जब से ज्ञान और विवेक खर्राटे ले रहे हैं।
आज मेरी Logical Unit गाय कीProcessing Unit से टकरा गई।उसे पता नहीं था कि वह अगर गाय हैतो मैं Logical
तेरा नाम लेकर चलूंदिल की ख्वाहिश कह दूँअनजान से सफर मेंहर पल मैं तुझे याद रखूँरखूँ सफ़ीना ले तेरा नामले
कॉकरोच एक मुझे कमोड में मिलामैंने कहा पगले क्यों आया है यहाँखाने का सामन सब किचन में हैयहाँ वीराने में
तेरी नफरतों में कुछ युँ गुम हुए हमकि मुहब्बत से ही किनारा कर बैठेपर्दा उठा एक रोज़ इन निगाहों सेतस्सवुर
काम चाहिए मुझे काम चाहिएमैं हूँ नाकाम मुझे काम चाहिएबस रात दिन काम काम चाहिएजिंदगी में अच्छा मुकाम चाहिए भूखा
परमात्मा के अंश वो कहाँ गएजिन्हें हम मम्मी पापा कहते थेदिल से करते थे उनको प्यारजब वो सामने रहा करते
न तेरी सोहबत में दिल लगे न तेरे बगैर हीन तू अपना सा लगे और न लगे गैर हीये कौन
पतझड़ के रंग फिर चढ़ने लगे हैंकपास के फूल पेड़ों से झड़ने लगे हैंएक बार फिर जम के नींद गुदगुदाएगीचिड़िया
बातों बातों में बातों से निकलती हैं बातेंअपनी कहते रहो सुनते चलो उनकी बातें बातों बातों में बातों से निकलती
साउथ मोती बाग़ की मुटिहारिनभरा बदन गोरा रंग गोल चिनसाउथ मोती बाग़ की मुटिहारिन जींस और टी शर्ट वो पहनती
इंतजार कब तलकचीत्कार कब तलकभाग्य के न्याय परटकराव कब तलक जोश जुनूं जवानीदेश सेवा में लगा दीसर्विस पेंशन है हक़महरूम
अतिथि कब जाओगेअतिथि कब जाओगेक्यों खुर जमा लिए हैंनहीं तेरा ये ठिकानाअतिथि कब जाओगेअतिथि कब जाओगे हम निस दिन बाबू