पुराना हिसाब (Puraana Hisaab)

यादों के बंद बक्से से निकली पुरानी किताब है
दस्तक पुराने यार ने दी है दिल बाग बाग है
एक उम्र गुज़र गयी है यार जब हम मिले थे
लगता है जैसे बाकी अपना पुराना हिसाब है

यादों के बंद बक्से से निकली पुरानी किताब है
दस्तक पुराने यार ने दी है दिल बाग बाग है

हम दोनों ही तब नए थे अपनी दोस्ती नयी थी
लडकपन का दौर था वो और ताज़गी नयी थी
घूमते फिरते थे तब हम तुम तितलियों के जैसे
आवारापन के किस्से, कहानियां रोज़ नयी थीं
मनमर्ज़ियों के आलम का अलग ही अंदाज़ है
लगता है जैसे बाकी अपना पुराना हिसाब है

यादों के बंद बक्से से निकली पुरानी किताब है
दस्तक पुराने यार ने दी है दिल बाग बाग है

दरमियाँ दोनों के उभरी जो भी तनातनी थी
अब याद भी नहीं है किस बात पर ठनी थी
मैं भूल गया हूँ सब कुछ तू भी अब भुला दे
न था कसूर तेरा और न मेरी कोई कमी थी
दिन बीते जो बोतलों में बंद पुरानी शराब हैं
लगता है जैसे बाकी अपना पुराना हिसाब है

यादों के बंद बक्से से निकली पुरानी किताब है
दस्तक पुराने यार ने दी है दिल बाग बाग है

ज़िन्दगी है रंगमंच कोई कहता है इसे सराय
गए दिनों में हमने कितने किरदार निभाए
गुम हुए है हम तुम भले दिन रात के भंवर में
दिन भुलाये नहीं जाते हमने संग जो बिताये
पत्थरों पर लिखा जैसे शायर का ख्वाब है
लगता है जैसे बाकी अपना पुराना हिसाब है

यादों के बंद बक्से से निकली पुरानी किताब है
दस्तक पुराने यार ने दी है दिल बाग बाग है
एक उम्र गुज़र गयी है यार जब हम मिले थे
लगता है जैसे बाकी अपना पुराना हिसाब है

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