बंद अलमारी में (BAM)

[Verse 1]
तेरी मोहब्बत के फूल
रखे थे जो हमने किताबों में
तेरे लिखे हुए खत
बंद अलमारी में

हर खत पे तेरा नाम
हर ज़ख्म पे तेरा रंग
मैं पढ़-पढ़ के थक गया
दिल आ गया है तंग

[Pre-Chorus]
तेरे इश्क़ से मैं
आज तौबा कर आया हूँ
जो था मेरा, वो सब
तेरे नाम पे हार आया हूँ

ज़ेहन पर लगी खरोंच
घुला यादों में ज़हर सा
मेरा जो भी था तेरे लिए
सब राख के ढेर में पड़ा

[Chorus]
बंद अलमारी, बंद अलमारी
तेरे खत बंद अलमारी में
बंद अलमारी, बंद अलमारी
आग लगा दी यादों में

तेरे इश्क़ से तौबा
तेरी कसम, अब तौबा
मैं तुझे भूल जाऊँ
कसम से भी तौबा

[Verse 2]
वो किताब मैं कबाड़ी को
बेच आया हूँ
तेरे वादों के झूठ को
दफ़्न कर आया हूँ

बंद अलमारी को मैं
आग दिखाकर आया हूँ
जिसमें तेरी याद थी
मकां खाली कर आया हूँ

तुझे चाहा, तू भी गया
जो न चाहा, वो भी गया
रह गया मैं उस मोड़ पे
जहाँ से तू कभी न गया

तेरे इश्क़ से मैं
आज तौबा कर आया हूँ
अपने दिल के घर का दर
खुद ही बंद कर आया हूँ

मैं हुआ करता था तेरा
अब नहीं तू जान, में
एक नया सा शोर है
ख़ामोश मकान में

[कोरस]
[Chorus]
बंद अलमारी, बंद अलमारी
तेरे खत बंद अलमारी में
बंद अलमारी, बंद अलमारी
आग लगा दी यादों में

तेरे इश्क़ से तौबा
तेरी कसम, अब तौबा
मैं तुझे भूल जाऊँ
कसम से भी तौबा

[ब्रिज]
मैं वो शहर भी छोड़ आया
जहाँ तुम मुझे मिली थी
अब हर गली पूछती है
कौन था जो इतना रोया था
मैं तनहा हो गया नहीं टूटा,
अभी ज़िंदा हूँ तेरे बिना
जो बच गया उसी में मैं अच्छा हूँ

[कोरस]
[Chorus]
बंद अलमारी, बंद अलमारी
तेरे खत बंद अलमारी में
बंद अलमारी, बंद अलमारी
आग लगा दी यादों में

तेरे इश्क़ से तौबा
तेरी कसम, अब तौबा
मैं तुझे भूल जाऊँ
कसम से भी तौबा

[आउट्रो]

तेरी मोहब्बत के फूल
रखे थे जो हमने किताबों में
तेरे लिखे हुए खत
बंद अलमारी में

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