मिलन (Milan)

मतवाला दिल सोचता है
जिस पल होगा अपना मिलन
तुम फैलाकर अपना दामन
थाम लोगी दिल की धड़कन

जब से होश सम्भाला है
तुमसे ही सपने सजाए हैं
प्रेम मिलन की आस में हम
कई सीढ़ी चढ़ कर आये हैं

सुना हैं जब ठुकराते सब
तुम थाम सहारा देती हो
अपने आँचल की छाँव सजा
दुःख सारे हर लेती हो

तुमसे होगा जब मिलन प्रिये
सांस मेरी थमती होगी
दिल की धड़कन भी सीने में
कतरा कतरा जमती होगी

आओ लो आकर थाम मुझे
दो ज़न्नत का आराम मुझे
मेरा अस्तित्व मिटा दो अब
बस दे दो अपना नाम मुझे

आदि हो तुम अब अंत भी तुम
शाश्वत हो अनन्त भी तुम
जीते जी सांस हो जीवन की
मुक्ति जीवन पर्यन्त भी तुम

मतवाला दिल सोचता है
इस पल हो जाये अपना मिलन
तुम फैलाओ अपना दामन
थाम लो इस दिल की धड़कन

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