ममता (Mamta)

[Verse 1 — दादी]
नवासी अंग्रेजी बोलती है
दादी बस हिंदी जानती है
नवासी हिंदी नहीं समझती
दादी अंग्रेजी कहाँ जानती है

[Verse 2 — दादी]
आज दादी गाँव जा रही है
खुद की आँखें हैं नम मगर
नवासी को मना रही है
कहानियाँ सुना कर उसके
मन को बहला रही है

[Verse 3 — नवासी]
नवासी देखती है दादी को
समझ में कुछ नहीं आता
कौन रानी है, कौन राजा
उसका कहाँ इनसे नाता

[Pre-Chorus — नवासी]
फिर भी दादी की गोद में आकर
दिल को चैन सा आता है
बिन जाने उन शब्दों का मतलब
कुछ अपना-अपना लगता है

[Chorus — दोनों]
अपना ख़याल रखने को उसे
न मम्मी, न पापा चाहिए
रोती है उसको तो दादी चाहिए
समझ न आए, कहानी चाहिए

[Bridge — दादी और नवासी]
दादी कहे, “बेटी, रो मत ना!”
नवासी कहे, “Don’t go away”
हाथों की छुअन बोल उठे
होंठ जो न कह पाएँ

[Verse 4 — दोनों]
नवासी माथे पर चूम के बोले
बेटी जल्दी लौट आऊँगी
नवासी आँसू पोंछ के पूछे
“Come soon Grandma!”

[Final Chorus — दोनों]
ममता इस लोक की
सबसे पहली भाषा है
ममता इस लोक में
आत्मा की भाषा है

[Outro — दोनों]
आत्मा का सन्देश
आत्मा से सीधा
आत्मा तक आता है

आत्मा का सन्देश
आत्मा से सीधा
आत्मा तक आता है

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