वोटर, फिर बिक जाओ रे…
वोटर, फिर बिक जाओ रे…
वोटर, फिर बिक जाओ रे…
वोटर, फिर बिक जाओ रे…
पउए में वोट बेच आए,
गिरवी देश रख जाओ रे…
वोटर, फिर बिक जाओ रे…
वोटर, फिर बिक जाओ रे…
वोटर, फिर बिक जाओ रे…
राजनीति दलदल कर डाली,
देश चलाते गुंडे-मवाली,
क़ानून-कारागार सब सोए हैं,
न्याय जोत कालिख कर डाली …
वोटर, फिर बिक जाओ रे…
वोटर, फिर बिक जाओ रे…
वोटर, फिर बिक जाओ रे…
वोटर, फिर बिक जाओ रे…
पउए में वोट बेच आए,
गिरवी देश रख जाओ रे…
वोटर, फिर बिक जाओ रे…
वोटर, फिर बिक जाओ रे…
वोटर, फिर बिक जाओ रे…
वोटर, फिर बिक जाओ रे…
वोटर, फिर बिक जाओ रे…
बड़े मुद्दों पर आँखें मूँदी,
स्वार्थ की बस गाँठ ही बाँधी,
हरे नोट की पत्ती पाकर,
ईमान की चादर ही फाँदी…
वोटर, फिर बिक जाओ रे…
वोटर, फिर बिक जाओ रे…
वोटर, फिर बिक जाओ रे…
वोटर, फिर बिक जाओ रे…
पउए में वोट बेच आए,
गिरवी देश रख जाओ रे…
वोटर, फिर बिक जाओ रे…
वोटर, फिर बिक जाओ रे…
वोटर, फिर बिक जाओ रे…
पढ़े-लिखे नौकरी में उलझे,
अनपढ़ नेता हुक्म चलाएँ,
जनता के सेवक कहलाते,
जनता पर लाठी बरसाएँ…
वोटर, फिर बिक जाओ रे…
वोटर, फिर बिक जाओ रे…
वोटर, फिर बिक जाओ रे…
वोटर, फिर बिक जाओ रे…
पउए में वोट बेच आए,
गिरवी देश रख जाओ रे…
वोटर, फिर बिक जाओ रे…
वोटर, फिर बिक जाओ रे…
वोटर, फिर बिक जाओ रे…
पउए में वोट बेच आए…
गिरवी देश रख जाओ रे…
वोटर… फिर बिक जाओ रे…
वोटर, फिर बिक जाओ रे…
वोटर, फिर बिक जाओ रे…
