शादी की सालगिरह मुबारक (Husband)

[Verse 1]
मेरी जान ऐ मेरी ज़िन्दगी
शादी की सालगिरह मुबारक हो
आज दिल ने फिर कहा है
जो सालों से कहीं छुपा था

जब हम मिले थे उस मोड़ पर
वक़्त बहुत तेज़ चला था
हम दोनों को सब समझने
का मौका ही कम मिला था

[Pre-Chorus]
पर धीरे-धीरे जाना मैंने
तुम मेरी सबसे बड़ी ताक़त हो
तेरे बिना अगर कहूं तो मैं
अधूरा-सा एक ख्वाब हूँ

तूने मेरा हाथ थामा
हर अच्छे-बुरे सफर में
और मैं आज भी खड़ा हूँ
तेरे प्यार के भरोसे में

[Chorus]
तुम मेरी पूँजी हो
(तुम मेरी पूँजी हो)
तुम मेरी जान हो
(तुम मेरी जान हो)

मैं कह न सका, पर सच ये है
मेरा हर सांस तुमसे है
तुम मेरी पूँजी हो
(तुम मेरी पूँजी हो)

[Verse 2]
इक्कीस साल की उम्र से
तुमने साथ निभाया है
जब दोनों को ज़िंदगी का
कोई अता पता भी नहीं था

फिर भी हर मोड़ पर
तूने मेरा साथ निभाया
मेरी नाराज़ी को सहकर
मुझको पूरे दिल से अपनाया

दो अनमोल रत्न दिए तूने
सिर्फ़ जन्म नहीं, संस्कार दिए
मैं दफ्तर जब जाता था
तुमने घर को स्वर्ग बनाया

[Pre-Chorus]
कभी शिकायत की न तुमने
फ़र्ज़ चुपचाप निभाती रही
मेरी कमियाँ, मेरी गलती
अपने स्नेह में छुपाती रही

उतार-चढ़ाव आए बहुत
तुम डिगी नहीं एक पल भी
मेरी हर मुश्किल में तुम
कैसे मेरा हाथ थामे रही

[Chorus]
तुम मेरी पूँजी हो
(तुम मेरी पूँजी हो)
तुम मेरी जान हो
(तुम मेरी जान हो)

मैं कह न सका, पर सच ये है
मेरा हर सांस तुमसे है
तुम मेरी पूँजी हो
(तुम मेरी पूँजी हो)

[Bridge]
आज वादा करता हूँ
हर साल तुझे और हँसाऊँगा
तेरे चेहरे की रौशनी को
हर दिन थोड़ा बढ़ाऊँगा

जितना तूने मुझे दिया
उतना लौटाना मुश्किल है
फिर भी अपनी पूरी उम्र
तेरे नाम ही कर दूँगा मैं

[Final Chorus]
तुम मेरी पूँजी हो
(तुम मेरी पूँजी हो)
तुम मेरी जान हो
(तुम मेरी जान हो)

मेरी ज़िंदगी की ताक़त
मेरी सबसे अच्छी दोस्त
मैं तुमसे बहुत प्यार करता हूँ
(तुम मेरी पूँजी हो)

शादी की सालगिरह मुबारक हो
मेरी जीवनसंगिनी तुम
मैं बस इतना ही कहता हूँ
तुम मेरी पूँजी हो

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