आँधियों से खेला हूँ तूफानों में पला हूँ
आसमान की बिजली का एक शोला हूँ
बवंडर हूँ हर शै समटने को उठा हूँ
यूँ ही नहीं कहते लोग मैं जलजला हूँ
जिस तरफ भी जाऊं कोलाहल मचा दूँ
पर्वत क्या चीज़ हैं धरातल भी हिला दूँ
हस्ती तुम्हारी पल में मिटटी में मिला दूँ
यूँ ही नहीं कहते लोग मैं जलजला हूँ
औकात नहीं तुम्हारी बन पाओ मेरे जैसे
हिम्मत हमारे जैसी लाओगे किधर से
आफत हूँ मैं चलती फिरती बला हूँ
यूँ ही नहीं कहते लोग मैं जलजला हूँ
तुम न चाहो मगर मैं आता ही रहूंगा
खौफ हूँ मैं एक ज़हन में समाता रहूँगा
खुशी मत छिपाओ अब जो चल दिया हूँ
भुला नहीं पाओगे कि में ज़लज़ला हूँ
आईने मैं दिखता है अक्स हूँ तुम्हारा
अच्छी या बुरे मैं तो हूँ दोगुना तुम्हारा
करनी का तुम्हारी मैं माकूल फैसला हूँ
यूँ ही नहीं कहते लोग मैं जलजला हूँ
गलत न थे तुम पर कभी मेरे इरादे
सुधरो या न सुधरो तुम मेरी बला से
सरज़मीं तुम्हारी में साफ़ कर चला हूँ
मैं फिर आऊंगा कर के वादा चला हूँ
यूँ ही नहीं कहते लोग मैं जलजला हूँ
