बदलाव बस जुआ है (Badlaav Ek Jua Hai)

बदलाव बस एक जुआ है
अनिश्चितता का अँधा कुआँ है

नए को पकड़ो पुराना छूटे
पुराना पकड़ो नया जा फिसले

नए में निहित आकर्षण
पुराने में रमता है दर्शन

नया नवीनता का नशा
पुराने से जुड़ा है राब्ता

नए में असफलता का डर
पुराने पर कमज़ोरी की नज़र

बहुमूल्य होते हैं:

पुराने यार पुराना प्यार
पुराने गीत पुराने मीत
पुराना घी पुराना चावल
पुरानी शराब पुरानी किताब

पर आकर्षित करते हैं:

नए कपडे नए रिश्ते
नए तेवर नए जेवर
नयी गाडी नयी सवारी
नया घर नया हमसफर

बहुत सताते हैं
पुराना रोग पुरानी रंजिश
मगर काटते हैं:
नए जूते नए कुत्ते

समझ नहीं आता
किसे सहेजें किसको छोड़ें
नए पुराने दोनों के हैं
अल्हैदा चमक और जोखिम

नया है नौ दिन तो पुराना सौ दिन
गज़ब कन्फ्यूज़न !

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