उम्मीद रखो.. (Umeed Rakho)

उम्मीद से ज़िंदा सब हम हैं
उम्मीद पे दुनिया कायम है
उम्मीद से थी माताजी जब
जग में प्रगटे हम तुम हैं

उम्मीद का दमन थाम के ही
चलते आए हैं अब तक हम
जो छोड़ दिया उम्मीद को
क्या श्वास भी लेने पाएंगे हम

है श्वास अगर विश्वास भी है
विश्वास है तो भगवान भी है
ईश्वर पर गर विश्वास करो
उम्मीद पे भी विश्वास रखो

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