छटपटा उठा हूँ  मैं (Chhatpata Utha Hun Main)

छटपटा उठा हूँ  मैं
फड़फड़ा उठा हूँ  मैं
जिंदगी तेरे तांडवों से
झनझना  उठा हूँ  मैं

भरभरा उठा हूँ  मैं
चर्मरा उठा हूँ  मैँ
जिंदगी तेरी उलझनों से
तिलमिला उठा हूँ  मैं

स्यांनों का चच्चा  था मैँ
गुंडों का अब्बा था मैं
तेरे थपेडों से मगर
बौखला  उठा हं मैं

तोड़ दिये तोमड़े
तड़ाक से
तरबुजन के
फोड़ दिये खोपड़े
भड़ाम से दुर्जनों के
तुझसे मगर हारा हूँ
पस्त हो उठा हूं मैं

थरथरा उठा हूँ मैँ
चरमरा उठा हूँ मैँ
तेरे कड़े तेवरों  से
कड़कड़ा उठा हं मैं

छटपटा उठा हूँ  मैं
फड़फड़ा उठा हूँ  मैं
जिंदगी तेरे तांडवों से
झनझना  उठा हूँ  मैं


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