पंखे, तेरी किस्मत में लानत ही लिखी है
गर्मी भीषण है, तेरी कैपेसिटी नहीं है
हर रोज़ मिलते हैं तुझे पब्लिक से ताने
आग लगे पंखे, मरवा डाला मरजाने
एसी चला दो कोई, गर्मी में मारोगे क्या!
कूलर चालू कर दो , पानी डालो ज़रा
सर्दी में होता तेरा कोई ज़िक्र ही नहीं है
किसी को तेरे होने की फिक्र ही नहीं है
पंखे, तेरी किस्मत में लानत ही लिखी है
गर्मी भीषण है, तेरी कैपेसिटी नहीं है
गलती से जो हाथ से बटन दब भी जाए
नहीं चाहिए बाबा, अभी ज़रुरत नहीं है
और तुरंत तेरे बटन का टेंटुआ दब जाए.
जा, देख मुँह छुपाने की जगह बची है?
भाई तेरी किस्मत किस चीज़ से लिखी है
पंखे, तेरी किस्मत में लानत ही लिखी है
गर्मी भीषण है, तेरी कैपेसिटी नहीं है
