बात मान ले(BML)

तेरह साल की बच्ची और तीन दरिंदे

हैवानियत बीती पिता  किससे  कहे

पहली औलाद थी उसकी प्यारी थी

सब अरमां पूरे हो उसके तैयारी थी

आज अचानक बेटी पराई  हो  गयी

गाँव समाज से जैसे रंजिश हो  गयी

लोग दबे सुर में बात करने  लगे थे

बिटिया पर ताने लोग कसने लगे थे

भाई बहन छोटे थे  समझ नहीं थी

क्या लूट गया घरसे  परख नहीं थी 

बेटी ने आखिरकार शक्ति  जुटाई

लड़ेंगे पापा हम जान  भले   जाई

थाने में जा सारा हाल बयान किया

सब दोषियों को जेल पहुंचा  दिया

लोग कहे होनी थी जो  बीत गयी 

ब्याह कर दे  लड़की सयानी हुई 

ताली एक हाथ कभी नहीं बजती

भूल भी जा अब  हो  गयी गलती

बात घर की रहे घर में अच्छा है 

समझौता कर ले अभी मौका  है   

तेरी बेटी की ज़िन्दगी  संवार देंगे

मांग नहीं है कोई मांग सजा देंगे

वर्ना बिटिया ताउम्र दुःख पाएगी

बात मान ले बात यों बन जाएगी  

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