लंगड़े घोड़े ने भगते घोड़े से कहा अबे कहाँ भगे जा रिया हो
भगते घोड़े ने लंगड़े घोड़े से कहा सब भग रहे भइये इसलिए
अपन भी भगे जा रिया हो
अपन भी भगे जा रिया होतू बता किसलिये तू बैठा हो क्या चले नहीं जा रिया हो
अंधी दौड़ में भइये भगा हो अब बैठा मैं सुस्ता रिया होक्या मायूस बातें कर्रा हो अरे दौड़ में तो बहुत मज़ा हो
गरम खून जोश जवानी है देख मैं सरपट भग रिया हो
भगना ही ज़िन्दगी है जो इसलिए मैं भगे जा रिया हो
दौड़ बिन मोहे कछु न भावे घोड़ा तो भगता ही सुहावे
तू बैरी काहे सुस्तावे क्यों बैठा घोड़ेन को नाम डुबावेबड़ा तू भगे जा रिया हो गुमान बेज़ा सर चढ़ा रिया हो
कुल जीवन में दौड़ा हो अबे तू तू मुझे समझा रिया हो
अंधी दौड़ थी सब दौड़े हो सब दौड़े हम भी दौड़े हो
तब कोई और हियाँ बैठा हो हमने यही बैन बोले होएक रोज़ मेरी जगह तू हो भगे कोई और जा रिया हो
यही कहानी सुना रिया हो संसार का नियम यही हो
