रामराज (RaamRaaj)

गरीब अमीर फर्क नहीं मोबाइल सबके पास
जन जन भया अमीर जन आया लो रामराज

आया है अब रामराज विश्व गुरु भारतोदय
कलयुग में सतयुग दर्शन धर्म सनातन की जय

बेकारी का समय सही पाते हैं सब सुख सच्चा
अब न होगा दूखियारा कोई हंसेगा बच्चा बच्चा

गुरु गोविन्द दोउ खड़े काके चल लग जा पाँव
जन जन को मिल रही है देख रामराज में छाँव

हर दिन उजियारा होय बीत गयीं सब रात काली
हर सुबह नई आशा तीन पहर खुशियों भरी थाली

खुशियों से भरी अपनी थाली विश्व गुरु भारतोदय
कलयुग में सतयुग दर्शन धर्म सनातन की जय

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