मैसूर की हंसी वादियों में(MKHVM)

[Verse 1]
मैसूर की हंसी वादियों में
घुली गुलकंद की फ़िज़ा
चाहत में फिसल गया था
किसी की मैं शादी शुदा

बस की सवारी और दो आँखियाँ
उलझ गयीं मेरी आँखों से
बीवी साथ उलझन कैसे
बचूँ बीवी की निगाहों से

[Pre-Chorus]
मैं तो बस खिड़की के पास था
बगल में बीवी और बच्चा
तेरे इशारों ने ऐसा घेरा
की दिल खा गया गच्चा

[Chorus]
नए महबूब की हंसी
मेरी आफ़त बन गई
(महबूब की हंसी)
मुझपे भारी पड़ गई

तेरी नज़र की मार
बीवी से करता हूँ प्यार
(कहाँ छुपाऊं यार)
कैसे समझाऊं यार

[Verse 2]
टिफ़िन से इमरती तूने दी
मेरी तो जान पे बन गयी
पलकों की उठा पटक में
हड्डी गले में फंस गयी

कंडक्टर और सवारी भी
सब जान गए थे मैटर को
पर थी तू तो बिंदास कोई
फर्क नहीं पड़ा तुझको

[Pre-Chorus]
घर जाने में अब डर लगता है
काश रस्ते में ही उतर जाता
तेरी मीठी सी इस शरारत ने
मुझे सीधा उल्टा कर डाला

[Chorus]
नए महबूब की हंसी
मेरी आफ़त बन गई
(महबूब की हंसी)
मुझपे भारी पड़ गई

तेरी नज़र की मार
बीवी से करता हूँ प्यार
(कहाँ छुपाऊं यार)
कैसे समझाऊं यार

[Bridge]
मैंने सोचा छोटी मुलाकात
टल जाएगी हँसी में बात
पर तूने जो हाथ से छुआ
मसला कर दिया खराब

अब हँसू या रोऊँ समझ न आए
आने वाली आफत दिल घबराये
मैं बेचारा फंसा, तू मुस्काती
और मुझे बीवी आँख दिखाती

[Chorus]
नए महबूब की हंसी
मेरी आफ़त बन गई
(महबूब की हंसी)
मुझपे भारी पड़ गई

तेरी नज़र की मार
बीवी से करता हूँ प्यार
(कहाँ छुपाऊं यार)
कैसे समझाऊं यार

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