दो दो हाथ (Doh Doh Haath)

हर आह हर आंसू का कर हिसाब आया हूँ
मैंआज दर्द से कर के दो दो हाथ आया हूँ
घर मैं घुसकर घर को कर तबाह आया हूँ
आज दर्द से मैं कर के दो दो हाथ आया हूँ

उम्र भर खेला किया था दर्द  मेरे साथ
चीखें चिंता तड़प लाया था बेचैनी साथ
दर्द की आज मैं गहराई नाप आया हूँ
आज दर्द से मैं कर के दो दो हाथ आया हूँ

याद है हर लम्हा जब वो मुझे सताता था
मेरे जिस्म मेरी रूह तक को रुलाता था
पैरों में  गिरा था मैं कर के माफ़ आया हूँ
आज दर्द से मैं कर के दो दो हाथ आया हूँ

आसान नहीं था यूँ तो उसे काबू में करना
जान दांव पर थी न था कोई जादू टोना
सर कलम कर ज़ालिम का साथ लाया हूँ
आज दर्द से मैं कर के दो दो हाथ आया हूँ

हर आह हर आंसू का कर हिसाब आया हूँ
मैंआज दर्द से कर के दो दो हाथ आया हूँ
घर मैं घुसकर घर को कर तबाह आया हूँ
आज दर्द से मैं कर के दो दो हाथ आया हूँ

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