विकास (Vikaas)

रोज़गार छीन लो व्यापार छीनो
मंहगाई से कुचलो टैक्स से मारो
आम जन को उसमें दफना दो
जब सड़ जाए उसे गरीब बताओ
गरीबी बता कर गरीब को हटाओ
रोंदो मसलो हांशिये पर ले आओ
तब जाकर ही खुशहाली चमकेगी
विकास की गति दिनों दिन बढ़ेगी

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