मैं कालू हूँ मैं जैकी और यह है भूरी संतरी
रात के प्रहरी हम हैं रात के प्रहरी
यह पहरा दे रात को और मैं जागूँ दोपहरी
रात के प्रहरी हम हैं रात के प्रहरी
हमसे होती मुलाक़ात पहले हर अजनबी की
रात के प्रहरी हम हैं रात के प्रहरीदेखो हमारी आँखें जो रात में हैं चमकती
हिलती पूंछ हमारी देखो हर खतरा समझती
हर आहट पर हम जग जाते नींद न अपनी गहरीमैं कालू हूँ मैं जैकी और यह है भूरी संतरी
रात के प्रहरी हम हैं रात के प्रहरी
यह पहरा दे रात को और मैं जागूँ दोपहरी
रात के प्रहरी हम हैं रात के प्रहरी
हमसे होती मुलाक़ात पहले हर अजनबी की
रात के प्रहरी हम हैं रात के प्रहरीक्या मजाल हमारे होते कोई चोर घुस आवे
मीलों दौड़ाएं उसको घोड़े की माफिक भागे
चारों खाने चित कर दें मिमियाए ज्यों बकरीमैं कालू हूँ मैं जैकी और यह है भूरी संतरी
रात के प्रहरी हम हैं रात के प्रहरी
यह पहरा दे रात को और मैं जागूँ दोपहरी
रात के प्रहरी हम हैं रात के प्रहरी
हमसे होती मुलाक़ात पहले हर अजनबी की
रात के प्रहरी हम हैं रात के प्रहरीबिन पगार सेवा करते हैं घमंड नहीं हम करते
बचा हुआ तुम्हारा खाकर मस्ती में हैं जीते
स्वामी भक्ति की मिसाल हम कुत्तों से ही ठहरीमैं कालू हूँ मैं जैकी और यह है भूरी संतरी
रात के प्रहरी हम हैं रात के प्रहरी
यह पहरा दे रात को और मैं जागूँ दोपहरी
रात के प्रहरी हम हैं रात के प्रहरी
हमसे होती मुलाक़ात पहले हर अजनबी की
रात के प्रहरी हम हैं रात के प्रहरीहमको अपना ले मानव हमें साथ तेरे रहना है
पीढ़ी दर पीढ़ी तेरी सेवा करते रहना है
हमसे है सुरक्षा और शोभा तेरे शहर कीमैं कालू हूँ मैं जैकी और यह है भूरी संतरी
रात के प्रहरी हम हैं रात के प्रहरी
यह पहरा दे रात को और मैं जागूँ दोपहरी
रात के प्रहरी हम हैं रात के प्रहरी
हमसे होती मुलाक़ात पहले हर अजनबी की
रात के प्रहरी हम हैं रात के प्रहरीमैं कालू हूँ मैं जैकी और यह है भूरी संतरी
रात के प्रहरी हम हैं रात के प्रहरी
डॉगी एकता ज़िंदाबाद
हम कुत्ते डेरिंगबाज़
I’m Kaalu… he’s Jacky… and this is Brownie the Sentinel.
We are the Night Guards,
Guardians of the sleeping world.He keeps watch through the darkness,
I stay awake through the lazy noon.
We are the Night Guards,
With noses sharp as moonlit blades—
Every stranger meets us first before meeting you.Eyes that glow in midnight shadows,
Bright lanterns in the silent air—
Our wagging tails whisper warnings,
Sensing danger everywhere.
One rustle, one footstep,
And we spring awake— no slumber deep,
For this duty runs in our blood,
A promise our instincts keep.No thief dares cross our kingdom,
Not while we stand at your gate.
We’ll chase him miles like racing horses,
Show him mercy? — No, that’s fate.
Down he’ll fall, trembling like a frightened goat—
For we are fury when need be,
And tenderness when love calls softly.We serve without a salary,
No ego, no pride in our chest.
We eat the leftovers you give us,
But live like kings — and blessed.
Loyalty… devotion…
These words were written for dogs first
And borrowed by humans later.Take us in, dear human,
Let us walk with you through life.
Generation after generation,
We’ll guard your home, your night.
Your city shines because of us,
Your streets breathe because we stay.
We are the silent soldiers
Who never ask for pay.I’m Kaalu… he’s Jacky… and this is Brownie the Sentinel.
We are the Night Guards.
Strong, fearless, tail-wag warriors.
Doggy Unity Zindabad!
We, the dogs… are the daring ones.