स्मार्ट तुम पढ़े लिखे हो, है अच्छी नौकरी
सोच मगर छोटी है, ईगो बहुत बड़ी
बॉस बन कर बैठे हो, हैं अच्छे दिन
मुबारक हो तुमको तुम्हारा इत्ता सा विज़नबड़ा सा है ऑफिस टुकड़ों में अथॉरिटी
तुम्हारे शिकंजे में फंसी है मैजॉरिटी
नशा है कुर्सी का क्या करोगे कुर्सी बिन
मुबारक हो तुमको तुम्हारा इत्ता सा विज़नखुश होगे तुम आज साहब बने बैठे हो
जूनियर के करियर पे सांप बने बैठे हो
इल्म है लोग गुज़ार रहे दिन गिन गिन
मुबारक हो तुमको तुम्हारा इत्ता सा विज़नज़िन्दगी है बड़ी टेढ़ी लिहाज़ नहीं करती
आईना दिखाती पर आवाज़ नहीं करती
हंसाती रुलाती करती सवाल भिन्न भिन्न
मुबारक हो तुमको तुम्हारा इत्ता सा विज़नचमड़े के सिक्के तुम्हारे खूब चलते आज
कट जाए फसल कब क्या भरोसा जनाब
क्या करोगे न होगा ये हासिल जिस दिन
कहाँ जाओगे तुम और तुम्हारा ये विज़न
मुबारक हो तुमको तुम्हारा इत्ता सा विज़न
