छोड़ो भी
अब जाने दो नावक़्त से पहले
भाग्य से ज्यादा
कभी किसी को
कहां मिला हैवक़्त की पूँछ
पकड़ कर रोना
छोड़ो भी
अब जाने दो नाउर में उठती
बेचनी को
छोड़ो भी
अब जाने दो नाये दुनिया तब से है
जब तेरा
निशान नहीं था
दुनिया ऐसी ही तो है
इस सच से तु
अंजान नहीं थाखुद को नाहक
दोशी कहना
छोड़ो भी
अब जाने दो नासमय बड़ा बलवान
है प्यारे
इससे आखिर
जीता कौन
खुद को यूं
भगवान समझना
छोड़ो भी
अब जाने दो ना