तुम जो सही नहीं हो तो कोई बात नहीं
कम सही ज़रूर हो पर गलत तुम नहीं
अधूरे इस जहाँ में जब कोई सही नहीं
तो फ़िक्र क्यों प्यारे कि तुम सही नहींसही ने तो वास्तव में भरमाया ही तो है
दम्भ व्यर्थ ज्ञान का करवाया ही तो है
कम सही हो तो जीत ही जाओगे तुम
नया कोई सिद्धांत खोज लाओगे तुम
जो लिख गया किताबों में ठहरता नहीं
तो फ़िक्र क्यों प्यारे कि तुम सही नहींजो रह न दिखा सके वो ज्ञान नहीं है
ज़िदगी से बढ़कर कोई विज्ञानं नहीं है
ज़िन्दगी रोज़ नया गुरुमंत्र बताती है
थामे रहो पतवार नैया पार लगा देगी
कमाई जिसका मापदंड ज्ञान है नहीं
तो फ़िक्र क्यों प्यारे कि तुम सही नहींतुम जो सही नहीं हो तो कोई बात नहीं
कम सही ज़रूर हो पर गलत तुम नहीं
अधूरे इस जहाँ में जब कोई सही नहीं
तो फ़िक्र क्यों प्यारे कि तुम सही नहीं