सावन का महीना फुहारें पड़तीं हलके हलके
हम गुज़रें जब गली से मिलते दीवाने लड़के
हम गुज़रें जब गली से मिलते दीवाने लड़के
लड़के आवारा नहीं आशिक़ हैं बस मनचले हैं
लड़के आवारा नहीं आशिक़ हैं बस मनचले हैं
एक इशारा तो करो दिखा दें हम जान दे के
जां का क्या करना है देना ही है तो दिल दे दो
मान जाएंगे आज आम ला दो पेड़ पे चढ़के
सावन का महीना फुहारें पड़तीं हलके हलके
हम गुज़रें जब गली से मिलते दीवाने लड़के
हमारी चाहत आज़माओ तो देखो हम आ गए
चाहा हमने जिनको वो डिप्टी कलेक्टर हो गए
ऐसे तेवर थे जो आपके पूछ लेते अपने बाप से
डिप्टी कलेक्टर वो हो जाते चर्चे होते आप के
ऐसे तेवर थे जो आपके पूछ लेते अपने बाप से
डिप्टी कलेक्टर वो हो जाते चर्चे होते आप के
सावन का महीना फुहारें पड़तीं हलके हलके
हम गुज़रें जब गली से मिलते दीवाने लड़के
हम गुज़रें जब गली से मिलते दीवाने लड़के
लड़के आवारा नहीं आशिक़ हैं बस मनचले हैं
लड़के आवारा नहीं आशिक़ हैं बस मनचले हैं
एक इशारा तो करो दिखा दें हम जान दे के
