मेहमान हो या जिन्न (Mehmaan Ho Ya Zinn)

बुलाते थे जब पहले
तो आते नहीं थे तुम
आना तो दूर फ़ोन
उठाते नहीं थे तुम

अब आये तो बस गए हो
घर में हो गए कितने दिन
यह तो बताओ आखिर
मेहमान हो या जिन्न
मेहमान हो या जिन्न
मेहमान हो या जिन्न

मेहमान नवाज़ी का
कोई दस्तूर होता है
दो चार दिन को आये
तो मंज़ूर होता है
आपने तो डेरा जनाब
लगा लिया है लेकिन
यह तो बताओ आखिर
मेहमान हो या जिन्न
मेहमान हो या जिन्न
मेहमान हो या जिन्न

घर का सारा राशन
सौंप दिया हमने
बजट पुरे महीने का
नोच दिया तुमने
सोचते हैं क्या खाएंगे
महीने के बाकी दिन
यह तो बताओ आखिर
मेहमान हो या जिन्न
मेहमान हो या जिन्न
मेहमान हो या जिन्न

जिन्न चिराग में वापस
जंतर से चला जाता है
आप नहीं जाते तंत्र
फ़ैल हुआ जाता है
कब चिराग में वापस
लौटोगे प्यारे जिन्न
यह तो बताओ आखिर
मेहमान हो या जिन्न
मेहमान हो या जिन्न
मेहमान हो या जिन्न

जाओ भी क्यों बस गए हो
घर में हो गए कितने दिन
बेशरम बन गए हो
निकाले जाओगे किसी दिन
यह तो बताओ आखिर
मेहमान हो या जिन्न
मेहमान हो या जिन्न
मेहमान हो या जिन्न

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