अविरल बहना (Aviral Bahna)

न बन जाना भीड़ का हिस्सा
जोखिम उठाने से डरना नहीं
सवाल खुद के इरादों पे करना नहीं
भरोसा रखना

बन जाना चैतन्य का सूर्य
काट देना देना अंधेरों के पर
चल देना लिए नये सवेरे आँखों पर
बढ़ते रहना

राहें धुंध भरी हैं बेशक
हम साया हमराह नहीं है
हौसले भी मगर कम तो नहीं हैं
परवाह न करना

सफल रहोगे शक नहीं
लक्ष्य सर्वदा साधे रखना
दुआ यही है दुआ में रखना
अविरल बहना
बढ़ते रहना
बढ़ते रहना

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