तेरी नफरतों में कुछ युँ गुम हुए हम
कि मुहब्बत से ही किनारा कर बैठे
पर्दा उठा एक रोज़ इन निगाहों से
तस्सवुर तेरा हम दोबारा कर बैठे
तेरे अफसाने कहानी बन गए गोया
हम भूल गए अब नाम भी तुम्हारा
हमें कहो बेवफा या चाहे जो कह दो
तेरे ख़्वाबों से हम कर चले किनारा
अश्कों को अपने ही हम पिए हुए
गिरते पड़ते लड़खड़ाते सँभलते हुए
पलकों पर थाम लिए हमने आंसू
माफ कर दो
माफ कर दो
माफ कर दो
माफ कर दो
नज़र सवाली है
दिल है बेचैन
हाय नज़र सवाली है
दिल है बेचैन
तकिया नीचे गिरा
नींद टूट गयी
नज़र सवाली है
दिल है बेचैन
तकिया नीचे गिरा
नींद टूट गयी
