काजल के निशाँ (KKN)

[Verse 1]

रेशमी ज़ुल्फ़ों से कभी गिरता था जो पानी

फूल से गालों पे रुकने को तरसता पानी

तेरी हँसी की धूप में भीगा था हर एक पल

अब वही यादें बन के आँखों में उतरता पानी

[Pre-Chorus]

कौन सा मौसम था, जो मुझसे रूठ गया

कौन सा वादा था, जो चुपके टूट गया

तेरे बिना ये मन

सूखे किनारे-सा

[Chorus]

पानी क्यों फिर काजल के निशाँ छोड़ गया

पानी क्यों फिर काजल के निशाँ छोड़ गया

मेरी आँखों में

किसका पता छोड़ गया

पानी क्यों फिर काजल के निशाँ छोड़ गया

[Verse 2]

मैंने तेरी राह में रख दिए थे चाँद-से दिन

तेरे लिए चुन लाए थे सपनों के रंगीन फूल

तूने पलट के देखा तो भीगी सी एक साँस रही

और मेरी हथेली में रह गया बस झरता गुल

[Pre-Chorus]

अब भी तेरी खुशबू

दरवाज़े पर ठहरी है

अब भी मेरी तन्हाई

तेरी बातों से भरी है

तेरे बिना ये मन

सूखे किनारे-सा

[Chorus]

पानी क्यों फिर काजल के निशाँ छोड़ गया

पानी क्यों फिर काजल के निशाँ छोड़ गया

मेरी आँखों में

किसका पता छोड़ गया

पानी क्यों फिर काजल के निशाँ छोड़ गया

[Bridge]

अगर लौट आए तो

ये दिल न रोकेगा

तेरी हर खामोशी को

फिर से पढ़ लेगा

मगर जो बीत गया

वो लौटे कैसे

जो काजल बह चुका

वो टिके कैसे

[Chorus]

पानी क्यों फिर काजल के निशाँ छोड़ गया

पानी क्यों फिर काजल के निशाँ छोड़ गया

मेरी आँखों में

किसका पता छोड़ गया

पानी क्यों फिर काजल के निशाँ छोड़ गया

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