बिन दाने की मूँफली(BDKM)

[Verse 1]
हाय कैसी मजबूरी मिली,
बिन दाने की मूँफली बस
छिलके ही हाथ में आये
ऐसी टुच्ची किस्मत सच्ची
लिखा कहाँ से लाए

देख पड़ोसी हमारे
काजू बदाम खायें
दो कौड़ी की नौकरी में
हम घुटते जायें

हम जायें चिल्लायें
खिजायें
फूटी अपनी किस्मत
प्रभु जी किस कलम से लिखवाये

[Chorus]
हाय कैसी मजबूरी मिली
बिन दाने की मूँफली
(बिन दाने की मूँफली)
बिन दाने की मूँफली बस
छिलके ही हाथ में आये

हाय कैसी मजबूरी मिली
बिन दाने की मूँफली
(बिन दाने की मूँफली)
ऐसी टुच्ची किस्मत
लिखा कहाँ से लाए

[Verse 2]
पड़ोसी की थाली में सजे
काजू और बादाम हैं
हमारी थाली में बस
नमक और प्याज है

वो चबाता है काजू
हम फोड़ें माथा
महीने की तनख्वाह में
सरदर्द है आता

सब हँसते जाते
हम रोते जाएँ
अपनी खस्ता हालत पे
हम खुद ही हँसते जाएँ

[Pre-Chorus]
कभी जीभ बोले
चाट खिला लाओ
जेब मगर बोले
भाड़ में जाओ

दिल भी बोले
गर्लफ्रेंड बनाओ
और किस्मत बोले
जाओ डूब मर जाओ

[Chorus]
हाय कैसी मजबूरी मिली
बिन दाने की मूँफली
(बिन दाने की मूँफली)
हाय कैसी मजबूरी मिली
पल पल हमें तड़पायी

हाय कैसी मजबूरी मिली
बिन दाने की मूँफली
(बिन दाने की मूँफली)
ऐसी टुच्ची किस्मत सच्ची
लिखा कहाँ से लाए

[Bridge]
अप्रैज़ल मिल जाए
एक दाने जैसा ही
नाच उठे मोहल्ला
कह वाह भाई जी

कब तक पकाएं मगर
हम ख्याली पुलाव
आसुओं से धोएं
अपना फटा रूमाल…

[Chorus]
हाय कैसी मजबूरी मिली
बिन दाने की मूँफली
(बिन दाने की मूँफली)
हाय कैसी मजबूरी मिली
छिलके हाथ में आये

हाय कैसी मजबूरी मिली
बिन दाने की मूँफली
(बिन दाने की मूँफली)
ऐसी टुच्ची किस्मत
लिखा कहाँ से लाए

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