फौजी दोस्त, तेरा शुक्रिया

सर्दी लगी खांसी का झटका आया  

लगातार आया मगर रुक न पाया  

लंग्स कहे हाय मर गए मोरी  मैया   

कहा मैंने करूँ  तैयारी क्या भैया  

कोविड से राम  राम कर बचा हूँ  

लगता है अपना  भी नंबर आया

डॉक्टर की दवाई काम न आई

वैद की घुट्टी से और फुट आयी

खांसी ऐसी की घर बजने  लगा

गैस सिलिंडर  गूंजने लगा लगा

लग्स खड़ खड़ बॉडी में अकड़

आंखों से भी कम दिखने  लगा

एक दिन फौजी दोस्त घर आया

कोटे से अपने बोतल  ले  आया

दी सलाह गरम पानी में ले लेना

ठीक हो जाए तो दुआ मांग लेना

कहा जो उसने मैंने वही  किया

गरम पानी में डाल  शॉट लिया

तीन बार खांसी को किक किया

बार बार बोतल को किश किया

फौजी दोस्त तेरा बहुत शुक्रिया 

खांसी ने तब से बाई बाई करदी

कहाँ की खांसी और कैसी सर्दी

तू ही मेरा डॉक्टर अब तू है वैद

खांसी को हो गयी है उम्र  कैद

जब फौजी दोस्त घर आता  है

खांसी का इलाज़ साथ लाता है

दोनों मिल खांसी को फांसी देते हैं

लिवर गाली देते  रह  जाता है                          

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