अँखियाँ तो रोयेंगी ही (Ankhiyan Toh Royengi Hi)

तुमसे प्यार है अँखियाँ तो रोयेंगी ही
आंसुओं से ये पलक भिगोयेंगी ही
तुमसे प्यार है अँखियाँ तो रोयेंगी ही

जब न आये थे तुम सुनी रहतीं थी
तार ख़्वाबों के बुनती रहतीं थी
तुम मिल गए हो खुश होयँगी ही
तुमसे प्यार है अँखियाँ तो रोयेंगी ही

बस गए हो तुम अब इन पलकों में
कैद हो गए हो मेरी इन अलकों में
एहसास में ये मदहोश खोएंगी ही
तुमसे प्यार है अँखियाँ तो रोयेंगी ही

तुम्हारी राहों में ये बिछ जातीं हैं
झुक जातीं है कभी खिल जाती हैं
तुम्हारे अक्स को रोकर धोएंगी ही
तुमसे प्यार है अँखियाँ तो रोयेंगी ही

तुमसे दूर होकर भी ये रोती हैं
करीब आ जाते हो गीली रहती हैं
मोती को माला में ये पिरोयेंगी ही
तुमसे प्यार है अँखियाँ तो रोयेंगी ही

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