खाली रास्ता, है खाली मकां, खाली दिल
तुम आवाज़ भी दो मुझको तो क्या हासिल
तुम होकर भी अपने न हुए अब खोये क्यों मुझ में शामिल शामिल
अपनी कहानी मैं ही लिखूं मैं ही फनकार मैं ही महफ़िल महफ़िल
सदियों से लम्बे रात और दिन दिल की धड़कनें बोझिल तिल तिल
साया एक हाथ की दूरी पर था रंग उड़ा चेहरा बिस्मिल बिस्मिल
हर रोज़ रात को मरना है दिन जीवन पल पल मुश्किल मुश्किल
खाली रास्ता, है खाली मकां, खाली दिल
तुम आवाज़ भी दो मुझको तो क्या हासिल
