बड़े लोगों में बड़ी देखी कोई बात नहीं
यूँ बिखर जाएँ हम वर्ना ऐसे हालात नहीं
पैसे वाले हैं अमीरी का दम भरते हैं
हर इंसान बिकाऊ है वो ये समझते हैं
साजो सामन की नुमाइश किया करते हैं
बन्दे के इमां की आजमाइश किया करते हैं
पैसे से दिल खरीदे जाते हैं ज़ज़्बात नहीं
हमें खरीदेंगे क्या उनकी औकात नहीं
बड़े लोगों में बड़ी देखी कोई बात नहीं
यूँ बिखर जाएँ हम वर्ना ऐसे हालात नहीं
लाखों झूठी शान-ओ-शौकत पे उड़ा देते हैं
रब से मिलने की कीमत तक लगा देते हैं
यूँ दिखाते हैं कि गरीबों के मसीहा हैं
घर में नौकर को बिना बात सजा देते हैं
मैले कालीन हैं जिनके दिल साफ़ नहीं
हमें खरीदेंगे क्या उनकी औकात नहीं
बड़े लोगों में बड़ी देखी कोई बात नहीं
यूँ बिखर जाएँ हम वर्ना ऐसे हालात नहीं
शौक मंहगे बड़े बंगले हों मुबारक उन्हें
खाली दिल कोरे ज़ज़्बात मुबारक उन्हें
अपने बेबाक अंदाज़ों पर हमें नाज़ है हुज़ूर
ज़ुबां पे कुछ दिल में कुछ और मुबारक उन्हें
होंगे वो और जो उनकी जेब में रहा करते हैं
बोली वो अपनी लगा दें उनकी औकात नहीं
बड़े लोगों में बड़ी देखी कोई बात नहीं
यूँ बिखर जाएँ हम वर्ना ऐसे हालात नहीं
अपनी दुनिया को ऐ शहज़ादी भुलाना होगा
हम से मिलना है तो सब छोड़ कर आना होगा
मुहब्बत की मेरी ये शर्त या समझ खुदगर्जी
दिल की दुनिया में अब से तेरा ठिकाना होगा
फैसला तुझपे है ज़माने की ये है बात नहीं
है जो तेरी न तो अब होगी मुलाकात नहीं
बड़े लोगों में वो शामिल थी अपने साथ नहीं
हम चले आये हैं तनहा अब कोई साथ नहीं
