बेचारी मम्मी (Bechaari Mummy)

बात बात पर झल्लाती रौनक चेहरे की उड़ी हुई है
एकाकी जीवन के झंझट में वो बेचारी फसी हुई है
वर्ना मम्मी के अंदर एक छोटी बच्ची बसी हुई है
चुप रहती कम हंसती सलवट माथे की खिची हुई हैं
वर्ना मम्मी के अंदर एक छोटी बच्ची बसी हुई है

बहनों संग जब हो जाती खूब ठहाके है लगाती
बचपन की बातें करके आँखों में आंसू ले आती
मामा की बेरुखी से आहत है बेचारी घुटी हुई है
वर्ना मम्मी के अंदर एक छोटी बच्ची बसी हुई है

उसने भी बचपन देखा है गुड्डे-गुड़ियों संग खेलती
संघर्षों की मारी है दुनिया भर के कष्ट है झेलती
अरमानों पे अबला के गर्द समय की जमी हुई है
वर्ना मम्मी के अंदर एक छोटी बच्ची बसी हुई है

बात बात पर झल्लाती रौनक चेहरे की उड़ी हुई है
एकाकी जीवन के झंझट में वो बेचारी फसी हुई है
वर्ना मम्मी के अंदर एक छोटी बच्ची बसी हुई है
चुप रहती कम हंसती सलवट माथे की खिची हुई हैं
वर्ना मम्मी के अंदर एक छोटी बच्ची बसी हुई है

Scroll to Top