[Verse 1]
खुद को थामते थामते
मैं जोकर बन गया हूँ
रोज़ छुपाता हूँ चेहरा
नकाब पहन रहा हूँ
आइने से मैं नजर चुराऊँ
हँसी के पीछे घुट रहा हूँ
[Pre-Chorus]
कौन सा नकाब पहनूँ
कौन सा झूठ मैं बोलूँ
रात खुद में डुबाती जाये
सुबह नया फिर खोजूं
[Chorus]
नकाब पहन रहा हूँ
नकाब बदल रहा हूँ
खुद को थामते थामते
मैं जोकर बन गया हूँ
हर रोज छुपाऊं खुद को (खुद को)
नकाब पहन रहा हूँ (बदल रहा हूँ)
[Verse 2]
जेब में खोटा सिक्का है
बदन खिंचा सा थका है
लोगों को मैं हँसाता हूँ
या खुद पर हँसता हूँ
अंदर सुनसान मकां है
ज़ख्मों का रंग लेकर
पेंट नया कर दिया है
[Pre-Chorus]
कौन सा नकाब बदलूँ
कौन सा झूठ मैं बोलूँ
रात खुद में डुबाती जाये
सुबह नया नकाब ओढ़ूँ
[Chorus]
नकाब पहन रहा हूँ
नकाब बदल रहा हूँ
खुद को थामते थामते
मैं जोकर बन गया हूँ
हर रोज छुपाऊं खुद को (खुद को)
नकाब पहन रहा हूँ (बदल रहा हूँ)
[Bridge]
एक दिन मेले उठ जाएंगे
ख़ाक मैं भी हो जाऊँगा
जो दर्द हंसकर था धोया
उसको तमाम कर दूंगा
तब तक बस चलना है मुझे
टूटते हुए भी जीना है
[फाइनल कोरस]
नकाब पहन रहा हूँ
नकाब बदल रहा हूँ
खुद को थामते थामते
मैं जोकर बन गया हूँ
हर रोज छुपाऊं खुद को (खुद को)
नकाब पहन रहा हूँ (बदल रहा हूँ)
