मटर को टमाटर से इश्क़ नहीं है मगर टमाटर बिन दाल मटर की गलती नहीं है
हरी है मटर और जो लाल लाल टमाटर है रंगत ये दो दिलों की बेवज़ह नहीं है
टमाटर को देखकर मटर खिलखिलाती है टमाटर भी दिल ही दिल में बेचैन है
ज़माने से छिप कर दोनों मिलते हैं चोरी चोरी खोये खोये हैं जब से मिले नैन हैं
पूछे कोई जो अगर दोनों शरमा कर कहते हैं हम दोनों में ऐसा कुछ भी नहीं है
मटर को टमाटर से इश्क़ नहीं है मगर टमाटर बिन दाल मटर की गलती नहीं है
हरी है मटर और जो लाल लाल टमाटर है रंगत ये दो दिलों की बेवज़ह नहीं है
आलू की नीयत भी मटर पर लगी है पर उसकी आवारगी के किस्से मशहूर हैं
हर सब्ज़ी देखकर उबलता जाता है आलू, चालू है आलू चर्चे ये फैले दूर दूर हैं
पनीर ने न जाने क्या पट्टी पढ़ा दी है मटर और आलू में अब ठनती ही रहती है
मटर-पनीर-टमाटर तीनो साथ रहते हैं आशिकों में आलू की गिनती नहीं है
मटर को टमाटर से इश्क़ नहीं है मगर टमाटर बिन दाल मटर की गलती नहीं है
हरी है मटर और जो लाल लाल टमाटर है रंगत ये दो दिलों की बेवज़ह नहीं है
