पिया मिलन को जाना

पिया मिलन को जाना पिया मिलन को जाना

कर गोरी सोलह श्रृंगार अब नहीं कोई बहाना

पिया मिलन को जाना पिया मिलन को जाना

जिसको घर समझती आई नहीं तेरा ठिकाना

पिया मिलन को जाना पिया मिलन को जाना

हुए पराए जो अपने थे घर उस पार अंजाना

पिया मिलन को जाना पिया मिलन को जाना

अर्जुन सी तू पराक्रमी है सारथी तेरा  कान्हा

पिया मिलन को जाना पिया मिलन को जाना

भाग्य के रथ पर सवार नाम  आँखों से जाना

पिया मिलन को जाना पिया मिलन को जाना

परायी हुई गलियां जहां  रोज था आना जाना

पिया मिलन को जाना पिया मिलन को जाना

माँ..

बापू..

भाई बहन..

इनके सीने लग जाना

पिया मिलन को जाना पिया मिलन को जाना

छू ले खेल  खिलौने घर के चौखट द्वार सलोने

तज इनको है जाना

पिया मिलन को जाना पिया मिलन को जाना

दिल खुश है आँखें नम है डर भीतर अंजाना

पिया मिलन को जाना पिया मिलन को जाना

बारिश की तू बूंद सखी मोती सीप बन जाना

पिया मिलन को जाना पिया मिलन को जाना

ले विदा बेटी  अपनों से सजें महल सपनों के

निज प्रीतम का हाथ थाम हंसी खुशी तू जाना

पिया मिलन को जाना पिया मिलन को जाना

पिया मिलन को जाना पिया मिलन को जाना

कर गोरी सोलह श्रृंगार अब नहीं कोई बहाना

पिया मिलन को जाना पिया मिलन को जाना

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