फिर से साथ (FSS)

[Intro]

[solo violin melody, acoustic guitar strumming]

[Verse 1]
[male vocals enter, soft bass and light percussion]
एक पार्क की बेंच पर
दो पुराने चेहरे मिले
कहने को अजनबी थे
पर हमदम निकले
उनकी आँखों में थे
बीते कल के हसीं पल
बातों में से निकलीं बातें
आखें होती गयी बोझिल
साँस भी कांप गई थी
नाम ज़ुबान पर आ गया
ये कौन सा मोड़ था
फिर दिल को जगा गया

[Pre-Chorus]
[intensity increases, electric guitar fills]
दोनों ने देखा एक-दूसरे को
सब्र बाँध ढहने लगा
हाथ में हल्की सी थरथराहट
आँखों में सपना जगा

[Chorus]
[full band, driving rhythm, violin counter-melody]
फिर से साथ, हम हों साथ
दिल से निकले ज़ज़्बात
फिर से साथ, हम हों साथ
अब न छोड़ेंगे हम हाथ
(फिर से साथ)
(फिर से साथ)

[Verse 2]
[acoustic guitar arpeggios, bass-driven groove]
दोनों ही की दुनिया
माज़ी में उजड़ गयी थी
सूख गए अरमानों में
यादें भी मिट गयीं थीं

बच्चों को समझ न आया
नाती पोतों ने रोका बहुत
उम्र के इस मोड़ पर
उन दोनों का था हक़

[Pre-Chorus]
[strings swell, percussion builds]
एक कसक सी उठती रही
इस बुझते हुए जहान में
अधूरा जो छूट गया था
पूरा करेंगे हम जान से

[Chorus]
[high energy, vocal adlibs]
फिर से साथ, हम हों साथ
दिल से निकले ज़ज़्बात
फिर से साथ, हम हों साथ
अब न छोड़ेंगे हम हाथ
(फिर से साथ)
(फिर से साथ)

[Bridge]
[drums drop out, piano and violin]
मंडप था खाली सा
फूलों में छुप दर्द
हाथ में मेहंदी नहीं
फिर भी था पूरा अर्द
एक दिन बाद ही दोनों
साथ चले चुपचाप से
मांग के धागे में बंध गए
आखिरी सांस से

[कोरस]
[full orchestration, climactic finale]
फिर से साथ, हम हों साथ
दिल से निकले ज़ज़्बात
फिर से साथ, हम हों साथ
इश्क़ में दी दोनों ने जान
(फिर से साथ)
(फिर से साथ)

[आउट्रो]
[violin fades out, acoustic guitar strumming]
एक दिन का मिलन
एक जन्म का प्यार,
पार्क के दो प्रेमी
इश्क में डूब हुए पार

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