आकर देख मंज़र (ADM)

[Verse 1]

जान निकल गयी सीने से

आँखें मगर खुली हैं

आकर देख मंज़र

एक दुनिया उजड़ गयी है

दरवाज़े पर चप्पलें आँगन में भीड़ 

जिस घर में हँसी गूंजती थी

बहता मासूमों की आखों से नीर

[Pre-Chorus]

हसरतें दफ़्न हुईं

सपने सब बिखर गए

एक ही पल में

अरमान कितने उजड़ गए

[Chorus]

आकर देख मंज़र

आंसू का  समंदर 

एक शादी और एक बर्बादी

भीड़ उमड़ी हुई है

देख तो किसके लिए

मांग भरी है किसी की

और कोई सूनी हुई

[Verse 2]

कहीं चूड़ियों की खनक

कहीं मातम का शोर

एक ही गली में आज

कैसा नसीब का ज़ोर 

कदमों के नीचे धूल

और आँखों में पानी

किसी की दुल्हन मुस्काई

किसी की दुनिया फ़ानी

[Pre-Chorus]

हाथों में मेहँदी है

पर दिल पर चोट है

एक तरफ़ बारात है

उस पार  मौत है

[Chorus]

आकर देख मंज़र

आंसू का  समंदर 

एक शादी और एक बर्बादी

भीड़ उमड़ी हुई है

देख तो किसके लिए

मांग भरी है किसी की

और कोई सूनी हुई

[Bridge]

जो फूलों से सजी थी

वहाँ छाई मुरदई है

हँसी के बीच से

किसी की चीख उठती है

यह कैसा घर है

जहाँ दो सच साथ खड़े

एक ने सिंदूर पाया

एक ने पंख पहन लिए

[Final Chorus]

आकर देख मंज़र

आंसू का  समंदर 

एक शादी और एक बर्बादी

भीड़ उमड़ी हुई है

देख तो किसके लिए

मांग भरी है किसी की

और कोई सूनी हुई

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