ए माई, ए माई, ए माई सुन माई!
तेरी पोती हुई है, सुन माई!
ए माई, ए माई, ए माई सुन माई!
इसका क्या करूँ, दिमाग नहीं है,
सुना है मुन्ना, कोई चिप लगी आई!
हाँ री माई, हाँ-हाँ री माई,
ठीक सुना है, चिप लगी आई!
का होवे है मरी जे चिप?
हमने तो छुटपन में चिप्स खाई!
माई! पोती तेरी अप-टू-डेट है,
मालिक ने है जो ये चिप लगाई।
समझ तेरी पोती जैसे ए.आई.,
कहीं से भी ज्ञान खोज लेगी,
खुद इंटरनेट से कनेक्ट हो लेगी!
मैं तो कहूँ, मुन्ना, मेरी पोती
ज्ञान बढ़ाए, ज्ञान फैलाए,
खूब ही नाम ऊँचा कराए!
हाँ री माई, अब समझ तेरे आई,
तेरी पोती है जैसे ए.आई.!
हे भगवान, तेरा भला हो मुन्ना,
मंदिर जाके प्रसाद चढ़ा आएँ।
सौ साल उम्र हो मेरी पोती की,
यही बस आसीस हम दे जाएँ।
अबोध नहीं है मेरा बालक,
ज्ञान को खूब ऊँचा ले जाएगी।
हो सके है जे भी क्या, मुन्ना,
ईश्वर का भी पता खोज लाएगी!
घर जब आए है प्रभु संग पोती,
अपने हाथों से हम चाय बनाई!
तेरे मुँह में घी-शक्कर, माई!
