उदगार (Udgaar)
मन में कुछ सवाल उठते हैं मन की बात कहें किसकोमन की बात वो करते हैं बाक़ी इसका हक़ किसको […]
मन में कुछ सवाल उठते हैं मन की बात कहें किसकोमन की बात वो करते हैं बाक़ी इसका हक़ किसको […]
ममन समंदर की लहरों को काबू करना सीख लियादिन के पन्नों पर करना हमने हस्ताक्षर सीख लिया ईश्वर बसे न
ले शपथ संकल्प सर कलम दुश्मन का करतज दे हर चिंता व्यथा वीर बढ़ तू कूच कर दे रही आधार
अब करेंगे तब करेंगे फ़िक्र कल की कल करेंगेवक़्त के पन्नें पलटते पिघल रही है ज़िन्दगी कतरा कतरा लम्हा लम्हा
मेरे नगमों की पहचान तुमसे हैइनकी धड़कनों में जान तुमसे हैइज़हार-ए-ज़ज़्बात चाहे मेरे हैंइनके तेवर कद्रदान तुमसे हैं राह-ए-सफर में