दर्शन का बुलडोज़र…

द्रोणपुत्र बनाम द्रोणशिष्य (DornPutra Banaam DornShishy)

एकलव्य होकर भी वह हो गया भव्यअश्वत्थामा होकर भी तुम भटक रहेमृत पराक्रमी वीर धनुर्धर एकलव्यतुम मृत्यु आलिंगन को हो