तजुर्बे के बागीचे से (Tazurbe Ke Baageeche Se)
बदल रहा है मौसम मिज़ाज़ लोगों की तरहशायद हवाएं तेरे शहर से होकर गुज़री हैं ऐ तूफां तेरी ताक़त का […]
बदल रहा है मौसम मिज़ाज़ लोगों की तरहशायद हवाएं तेरे शहर से होकर गुज़री हैं ऐ तूफां तेरी ताक़त का […]
कम बोलता हूँ पुरज़ोर नहीं मैंअंतर्मुखी मगर कमज़ोर नहीं मैं ख़ामोशी खुदा की इबादत हैकम बोलना मेरी आदत हैदलालों की
पावक दहकी क्षितिज क्षितिज मेंग्रीष्म ऋतू आयी यौवन परउष्मायी धरती निज उर मेंपावक दहकी क्षितिज क्षितिज में कुंदन बदन दमकती