राज निरंकुश नहीं है(RNNH)
एक वक्त था जब गुलाम खरीदे जाते थेइंसां इंसां के द्वारा गुलाम बनाए जाते थेफिर गुलाम बाजार में बिकवाए जाते […]
एक वक्त था जब गुलाम खरीदे जाते थेइंसां इंसां के द्वारा गुलाम बनाए जाते थेफिर गुलाम बाजार में बिकवाए जाते […]
बच्चे का हाथ पकड़ता, बोरा तेरे सर रखवाता हैऐ मेरे देश की बेटी, बता इससे तेरा क्या नाता हैबोरा नहीं,
[Verse 1]खुद को थामते थामतेमैं जोकर बन गया हूँरोज़ छुपाता हूँ चेहरानकाब पहन रहा हूँआइने से मैं नजर चुराऊँहँसी के
सफ़ेद बालों ने सर पे अब जलवा दिखा दिया हैसाठ का नहीं मैं सीनियर सिटीजन बना दिया है बुज़ुर्गों की
https://suno.com/s/ZaLmLFoCVnhX4lOt सरकारी ऑफिस में इंटरव्यूमनुआ चिंता में बैठा है क्यूँबारह बजे ही तो बुलाया थाढाई बज गए है तो क्या
मैं मेहमां बन चला आता हूँतुम्हारी डोरबैल बजा देता हूँ दरवाज़ा दोस्त खोलता हैमैं बैठक में चला आता हूँ तुम
परमात्मा के अंश वो कहाँ गएजिन्हें हम मम्मी पापा कहते थेदिल से करते थे उनको प्यारजब वो सामने रहा करते
इंतजार कब तलकचीत्कार कब तलकभाग्य के न्याय परटकराव कब तलक जोश जुनूं जवानीदेश सेवा में लगा दीसर्विस पेंशन है हक़महरूम
फौजी जब आया गाँव में लौटकरनक्शा और कलेवर नया हो गयाघरद्वार खेत खलिहान बंट गए थेरिश्तेदारों का तेवर बदल गया
सच की राह लंबी और कांटों भरी है ऐसा कहा जाता हैइसलिए झूठ शॉर्टकट से जल्द मंज़िल पर पहुँच जाता
फ़ौज ने फ़ौजी को हरफ़नमौला बना दिया,अनुशासन और तत्परता का पाठ पढ़ा दिया।हर परिस्थिति में बंदे को जीना सिखा दिया,सिविलियन
रोज़ की तरह भगते-भगते मैं मेट्रो में चढ़ गया,सीट मिली नहीं मुझे मेरा बस मुँह सड़ गया। एक बंदा उँगलियाँ
घर बैठुंगा कल से शायर हो जाऊँगायारो मैं कल से रिटायर हो जाऊंगाबिन करंट वाला वायर हो जाऊँगायारो मैं कल
लगा था कि शायदमैं भूल गया हूँ तुमको,लगा था कि तुम चले गए होऔर लौटकर नहीं आओगे। दिल मेंएक अजीब-सा
“हाँ… आजकल ऐसा ही है।” वह यूँ ही बात कर रहा था—किसी विषय पर,किसी मित्र से। मैं उसे जानता नहीं
छोटे सुन, ओ छोटे छोटेभाई सुन, ओ छोटे छोटेछोटे सुन, ओ छोटे छोटेभाई सुन, ओ छोटे छोटे छोटे सुन तू
आज मैं खुद से मिलाजहाँ मैं रहा करता हूँशहर, गली, उस घर गयाआज मैं खुद से मिला मैं रहता हूँ
एक फरेबी था एक दीवाना थाधोखेबाज़ी चालबाज़ी का ये फ़साना थाएक फरेबी था एक दीवाना था दो प्रेमी और विलेन
मैं उसे जानता नहीं था और वो मुझेउसने कुछ कहा किसी और सेमुझे देखा मेरे हां में हां मिलने कोमुस्कुराया
एक दिन सुबह उठा तो मोबाइल नहीं बजा,स्क्रीन ऑफ, न कोई नोटिफिकेशन सजाउंगलियाँ हवा में टिक-टिक करती रह गयीं,इंटरनेट, वॉट्सऐप,