परमात्मा के वो अंश
परमात्मा के अंश वो कहाँ गएजिन्हें हम मम्मी पापा कहते थेदिल से करते थे उनको प्यारजब वो सामने रहा करते […]
परमात्मा के अंश वो कहाँ गएजिन्हें हम मम्मी पापा कहते थेदिल से करते थे उनको प्यारजब वो सामने रहा करते […]
इंतजार कब तलकचीत्कार कब तलकभाग्य के न्याय परटकराव कब तलक जोश जुनूं जवानीदेश सेवा में लगा दीसर्विस पेंशन है हक़महरूम
फौजी जब आया गाँव में लौटकरनक्शा और कलेवर नया हो गयाघरद्वार खेत खलिहान बंट गए थेरिश्तेदारों का तेवर बदल गया
सच की राह लंबी और कांटों भरी है ऐसा कहा जाता हैइसलिए झूठ शॉर्टकट से जल्द मंज़िल पर पहुँच जाता
फ़ौज ने फ़ौजी को हरफ़नमौला बना दिया,अनुशासन और तत्परता का पाठ पढ़ा दिया।हर परिस्थिति में बंदे को जीना सिखा दिया,सिविलियन
रोज़ की तरह भगते-भगते मैं मेट्रो में चढ़ गया,सीट मिली नहीं मुझे मेरा बस मुँह सड़ गया। एक बंदा उँगलियाँ
घर बैठुंगा कल से शायर हो जाऊँगायारो मैं कल से रिटायर हो जाऊंगाबिन करंट वाला वायर हो जाऊँगायारो मैं कल
लगा था कि शायदमैं भूल गया हूँ तुमको,लगा था कि तुम चले गए होऔर लौटकर नहीं आओगे। दिल मेंएक अजीब-सा
“हाँ… आजकल ऐसा ही है।” वह यूँ ही बात कर रहा था—किसी विषय पर,किसी मित्र से। मैं उसे जानता नहीं
छोटे सुन, ओ छोटे छोटेभाई सुन, ओ छोटे छोटेछोटे सुन, ओ छोटे छोटेभाई सुन, ओ छोटे छोटे छोटे सुन तू
आज मैं खुद से मिलाजहाँ मैं रहा करता हूँशहर, गली, उस घर गयाआज मैं खुद से मिला मैं रहता हूँ
एक फरेबी था एक दीवाना थाधोखेबाज़ी चालबाज़ी का ये फ़साना थाएक फरेबी था एक दीवाना था दो प्रेमी और विलेन
मैं उसे जानता नहीं था और वो मुझेउसने कुछ कहा किसी और सेमुझे देखा मेरे हां में हां मिलने कोमुस्कुराया
एक दिन सुबह उठा तो मोबाइल नहीं बजा,स्क्रीन ऑफ, न कोई नोटिफिकेशन सजाउंगलियाँ हवा में टिक-टिक करती रह गयीं,इंटरनेट, वॉट्सऐप,
सोचा था मैं मर जाऊंगा खुद या फिर दर्द को हराऊंगाजान ले लूंगा इसकी मैं या फिर खुद मैं जान
क्या होता भगवन तू अगर पाँव नहीं देतापाँव की बजाय हमको पहिये बख्श देतास्पीड बढ़ जाती जितना तेज़ मैं भग
शिकार की वो शौकीन वो उसका शिकार थाप्यार होता था कभी अब मारता फुंफकार थावो बोलती जाती थी वो केवल
ज़रूरतें महँगी न थीं कभीहाँ… शौक मंहगे हो गए।ममता आज भी सस्ती है,पर रिश्ते मंहगे हो गए। हमने ज़रूरतें छोड़
फौजी भाईजरा देखके चलोआगे ही नहीं पीछे भीदायें ही नहीं बायें भीऊपर ही नहीं नीचे भी फौजी भाईजरा देखके चलोआगे
बात भेजे में डालनाआप फौज में हैंगलतफहमी न पालनाजनाब मौज में हैं जंगल से चले आये होसिस्टम में रहना हैहर