देख के चला ले बेटे…(DCB)
https://suno.com/s/xMGaqLqt2He8Ib5j देख के चला ले बेटे क्यों तू पंगे ले रहा है देख के चला ले बेटे क्यों तू पंगे […]
https://suno.com/s/xMGaqLqt2He8Ib5j देख के चला ले बेटे क्यों तू पंगे ले रहा है देख के चला ले बेटे क्यों तू पंगे […]
https://suno.com/s/ZaLmLFoCVnhX4lOt सरकारी ऑफिस में इंटरव्यूमनुआ चिंता में बैठा है क्यूँबारह बजे ही तो बुलाया थाढाई बज गए है तो क्या
https://suno.com/s/w7lfOvU4QRvdrSIR मुझे ठंड नहीं लगती क्योंकि मैं अजर और अमर हूँ मगर यह जो शरीर है न! जिसमें मैं अभी
https://suno.com/s/zdE9ItrVQlveOVTI पंखे, तेरी किस्मत में लानत ही लिखी हैगर्मी भीषण है, तेरी कैपेसिटी नहीं है हर रोज़ मिलते हैं तुझे
https://suno.com/s/qwB7ZMilzMKDcVV4 पापा की सेकंड हैंड गाड़ी पाँच छः सात आठ एक लाख अठारह हज़ार ऊपर से नौ सौ सात स्कूटर
https://suno.com/s/iV838VoYdpio2PoL झाडू दे झट से तुझे मोर बना डालूंचॉपर तुझे छतरी खोल बना डालूंइत्ती सी बात का बना दूं मैं
कचरे वाली गाड़ी जब-जब भी द्वार पे आए,असली मर्द वही जो कचरा डाल के आए। घर का सारा कचरा शहर
https://suno.com/s/AyurVLzAebM7hx2f हे सर्प तुझे मरना होगाक्या गरज़, तू ज़हरीला नहींएक इंसान को तूने काटा हैअंजाम तो भुगतना होगाहे सर्प तुझे
https://suno.com/s/lbuYXDnRrgfB5l0w किसी की बात इतनी गहरी लगी दिल मेंबन गयी दिल का गुबार वो वो बोलकर अपनी राह पर निकल
मेरे अंगने में उग आए छोटे नन्हे पौधेस्वागत है जो समझा तूने अपना मुझे मैं था तन्हा झांकता रोज़ खिड़की
यूट्यूब हमें तेरा भाव समझ न आएहे ऐ आई तुझसे तो हम हैं भरपाएएल्गोरिदम काहे चौड़े में फंसवाये भोर भये
लपर-लपर यूनिवर्सिटी ‘मोटिव’ “ज्ञान सोता है, आत्मविश्वास बोलता है।” स्थापना वर्ष: जब से ज्ञान और विवेक खर्राटे ले रहे हैं।
आज मेरी Logical Unit गाय कीProcessing Unit से टकरा गई।उसे पता नहीं था कि वह अगर गाय हैतो मैं Logical
कॉकरोच एक मुझे कमोड में मिलामैंने कहा पगले क्यों आया है यहाँखाने का सामन सब किचन में हैयहाँ वीराने में
काम चाहिए मुझे काम चाहिएमैं हूँ नाकाम मुझे काम चाहिएबस रात दिन काम काम चाहिएजिंदगी में अच्छा मुकाम चाहिए भूखा
परमात्मा के अंश वो कहाँ गएजिन्हें हम मम्मी पापा कहते थेदिल से करते थे उनको प्यारजब वो सामने रहा करते
साउथ मोती बाग़ की मुटिहारिनभरा बदन गोरा रंग गोल चिनसाउथ मोती बाग़ की मुटिहारिन जींस और टी शर्ट वो पहनती
अतिथि कब जाओगेअतिथि कब जाओगेक्यों खुर जमा लिए हैंनहीं तेरा ये ठिकानाअतिथि कब जाओगेअतिथि कब जाओगे हम निस दिन बाबू
तुम टुनटुन जैसी मटक मटक चलती होअच्छी लगती होसोते हुए टांग जब मुझ पर रख देती होमौत सच्ची लगती हो
मैं बंदर हूँ मेरे सामने केला लटक रहा हैजितना भागता हूँ उतना दूर हट जाता हैमेरी सैलरी का केला है