डाउन टु अर्थ
दो कौड़ी की औकात मेरा बॉसनाचा नाचा फिरता हैकभी एक के फिर दूजे के कानखींचने लगता है माचिस सी बुद्धि
दो कौड़ी की औकात मेरा बॉसनाचा नाचा फिरता हैकभी एक के फिर दूजे के कानखींचने लगता है माचिस सी बुद्धि
रूठ जाने की तुझसे वजह मिल गई हैतेरी तरक्की से दोस्त मेरी सुलग गई है मानता हूँ मैं कि अपनी
मैं ग्रेजुएट हूँ कोरा मैंने बी टेक नहीं कियासरकारी भर्ती में भी मुझे अंदर नहीं लियाजॉबलेस बैठा हूँ मैं बुद्धि
इस कहानी में सभी पात्र और घटनाएं सच्ची हैंपहचान देने में कोई कोताही नहीं की गयी है आईये आपको हम
मैंने अंग्रेजी में लिखा ChatGPTAI ने हिंदी में चातगप्त लिख दीचातगप्त लिख दई मैया मोरी समझ न आवैपढ़े लिखे हम
इंसां जहां सो जाए थक कर दो घड़ी वहीँ घर हैवो जगह जहां ग़म भुला दे जहाँ के वही बार
जो करना है कर बात यहीं खत्म करमेरे सामने से हट कहीं और जा मरहवा आने दे चल मेरे गुस्से
उसने कहा ‘Ask Anyhing’ चुप हो गयी कहीं खो गयी मैंने कहा ‘I know nothing’ फिर से कहा ‘Ask Anyhing’
कुत्ते होते न दुनिया मेंतो न हम कुत्ते होते, न तुममैं भौंकता न तुम परन मुझ पर झपटते होते तुम
पेट में चूहे कूद रहे थेकूद कूद कर उछलउछल कर खाना ढूंढ रहे थेपेट में चूहे कुद रहे थे पूरी
बलिहारी प्रियतम मेरे निस दिन जो गुटखा चबाते होमुख की शोभा रखते निर्मल घर आँगन महकाते हो रूम फ्रेशनर एयर
ओ यूट्यूबर मुझे लाइक तो कर ओ यूट्यूबरओ यूट्यूबर मुझे लाइक तो कर ओ यूट्यूबरमेहनत से बनी मेरी वीडियो का
मैं और मेरा बेटा बात कर रहे थेबातों में ही समय पास कर रहे थेबेटे को शादी रजिस्टर करानी थीसरकारी
शहज़ादे यह तुमने क्या रायता फैला दियाहमारी परवरिश का तुमने यह सिला दियापढ़ा लिखाकर तुम्हें हमने डॉक्टर बनायासोसाइटी में नाम
हाथ जोड़ूं राधा कल टाइम से आ जानाघर के कामों का नहीं तेरे बिना ठिकानाझाड़ू पोछा बर्तन कपडे सर दर्द
मुश्किलों से पाया है कड़क पापड़ मैंनेहरी चटनी से यूँ तेवर ना बिगाड़ो इसकेसॉस करी और दही से दूर ही
हाल पे मुझे मेरे छोड़ दो वर्ना काट खाऊंगापैर की हड्डी को तेरी मैं कच्चा चबा जाऊंगाफितरत मेरी जानले मैं
देव गणित बोलो भला किस बात पे आखिर रूठे होबुद्धि हमारी है छोटी या तुम मुश्किल कसूते होजवाब न जिनका
आ चल भूरी पूंछ हिला लें मुझ पर चर्बी चढ़ गयी हैआंटी चैरिटी में दूध पिलाकर मूड रोमांटिक कर गयी
सखी री मोहे बॉस बहुरि सतावैनिस दिन जतन करूँ मुआ किन्तु झांसे में नहीं आवैसखी री मोहे बॉस बहुरि सतावै