Char-Li-Chappllen
चप्पल पहने जग मुआ वर्णन करे न कोयबिन चप्पल छाले परें पीर घनेरी होय बच्चे बूढ़े नर नारी सब पहनते
चप्पल पहने जग मुआ वर्णन करे न कोयबिन चप्पल छाले परें पीर घनेरी होय बच्चे बूढ़े नर नारी सब पहनते
सोशल मीडिया पर बैठे कितने ज्ञानी हैंकितने परोपकारी और कितने ध्यानी हैंगागर में सागर का ज्ञान रोज दे जाते हैंदयावान
कचरे वाले ने अहा!कचरे वाले ने ऐसा जादू डालाधो डाला मन का प्यालाघर से कुड़ा कचरा थैली वैली साथ ले
अपने शर्माजी थे नंबर एक पियक्कड़बॉडी थी सूखी हड्डियों में थी अकड़यहाँ वहां कहीं भी पीकर लुढ़क जातेघरवाले उनको फिर
दो कुत्ते आपस में बतियाते जाते थेमालकिन पीछे डंडा लेकर आती थीकुत्ते प्रसन्न कि मालिक को घुमाते हैंमालिक खुश कि
इस बार रेलगाड़ी में हमें कुछ फन्नी नहीं मिलादेखते रहे सब जगह मगर कुछ भी नहीं मिला अब क्या लिखें
मैं हूँ दिल फेंकमैं हूँ दिल फेंकमैं हूँ दिल फेंक कहीं भी दिख जाये जली अंगीठीरोटी देता हूँ सेंक मैं
आपने पहल कर दी हैमेहमान बना कर हमकोआवभगत ऐसी दी है किरूह तक जीत ली है कहते हैं कि दिल
हम घुटनों पे चलते थेभेजे से सोचा करतेदुनिया भर की बातेंइस डब्बे में भर लेते पैरों पर जब चलते थेघुटने
अमीर से अमीर आदमीबदमाश या शरीफ आदमीव्यापारी या सेठ आदमीइंजीनियर मज़दूर आदमी सूटबूट अपटूडेट आदमीधोती कुरता वाला आदमीगाड़ी बंगले वाला
चल भग जा रे कुत्ते अब ये देस हुआ बेगानालौट जहाँ से आया तेरा यहाँ नहीं ठिकाना हर कुत्ते का
शर्मा जी पार्क में जावें नित जावें हैं दोड़ लगाएंअच्छा खावें बढ़िया पहने सेहत पे यों ध्यान लगाएं एक दिनअनहोनी
सुबह रात ग़ुम कायनात फ़्रस्ट्रेशन चप्पे चप्पेनयी चाट रोज़ हो तुम खिलाते तौबा लारे लप्पेकब तक खाएं हम तेरे बिन
सरकारी था ऑफिस उस ऑफिस में मैडमबॉस की थी चहेती उनके सुपरवाइज़र हमप्रेम की इस कहानी का एक हिस्सा थे
मलाई तो मलाई है सबने ही खायी हैमुझे भी पसंद बहुत वैसे तो मलाई हैपर क्यों मलाई चाय पे पड़
कल की चिंता छोड़ जीना सीख आज मेंजो ऐश करनी है कर ले बाप के राज मेंबाप की पूंजी में
नए शहर की एक गलीजहाँ न पहुँच सके रविसम्मलेन जाने से पहलेगुजरे वहां से कवि बाल आ गए कान परगए
पढ़या लिखा हूँ टैलेंटेड हूँग्रेजुएट मैं एम बी ए हूँडाटा दूँ तने रिपोर्ट बनाऊंकम सैलरी पे हुकुम बजाऊंटाइम ते आऊं
मटर को टमाटर से इश्क़ नहीं है मगर टमाटर बिन दाल मटर की गलती नहीं हैहरी है मटर और जो
बीवी की मात जो है मेरी सास बनी मेरी बॉसअब मने मुक्ति कोन दिलावेघर बीवी दफ्तर में सास रोज़ मेरीखाट