घर+बार ज़िंदाबाद (Ghar+Bar Zindabad)
इंसां जहां सो जाए थक कर दो घड़ी वहीँ घर हैवो जगह जहां ग़म भुला दे जहाँ के वही बार […]
इंसां जहां सो जाए थक कर दो घड़ी वहीँ घर हैवो जगह जहां ग़म भुला दे जहाँ के वही बार […]
जो करना है कर बात यहीं खत्म करमेरे सामने से हट कहीं और जा मरहवा आने दे चल मेरे गुस्से
उसने कहा ‘Ask Anyhing’ चुप हो गयी कहीं खो गयी मैंने कहा ‘I know nothing’ फिर से कहा ‘Ask Anyhing’
कुत्ते होते न दुनिया मेंतो न हम कुत्ते होते, न तुममैं भौंकता न तुम परन मुझ पर झपटते होते तुम
पेट में चूहे कूद रहे थेकूद कूद कर उछलउछल कर खाना ढूंढ रहे थेपेट में चूहे कुद रहे थे पूरी
बलिहारी प्रियतम मेरे निस दिन जो गुटखा चबाते होमुख की शोभा रखते निर्मल घर आँगन महकाते हो रूम फ्रेशनर एयर
ओ यूट्यूबर मुझे लाइक तो कर ओ यूट्यूबरओ यूट्यूबर मुझे लाइक तो कर ओ यूट्यूबरमेहनत से बनी मेरी वीडियो का
मैं और मेरा बेटा बात कर रहे थेबातों में ही समय पास कर रहे थेबेटे को शादी रजिस्टर करानी थीसरकारी
शहज़ादे यह तुमने क्या रायता फैला दियाहमारी परवरिश का तुमने यह सिला दियापढ़ा लिखाकर तुम्हें हमने डॉक्टर बनायासोसाइटी में नाम
हाथ जोड़ूं राधा कल टाइम से आ जानाघर के कामों का नहीं तेरे बिना ठिकानाझाड़ू पोछा बर्तन कपडे सर दर्द
मुश्किलों से पाया है कड़क पापड़ मैंनेहरी चटनी से यूँ तेवर ना बिगाड़ो इसकेसॉस करी और दही से दूर ही
हाल पे मुझे मेरे छोड़ दो वर्ना काट खाऊंगापैर की हड्डी को तेरी मैं कच्चा चबा जाऊंगाफितरत मेरी जानले मैं
देव गणित बोलो भला किस बात पे आखिर रूठे होबुद्धि हमारी है छोटी या तुम मुश्किल कसूते होजवाब न जिनका
आ चल भूरी पूंछ हिला लें मुझ पर चर्बी चढ़ गयी हैआंटी चैरिटी में दूध पिलाकर मूड रोमांटिक कर गयी
सखी री मोहे बॉस बहुरि सतावैनिस दिन जतन करूँ मुआ किन्तु झांसे में नहीं आवैसखी री मोहे बॉस बहुरि सतावै
आइना हर रोज़ कुछ ज़्यादा डराता जाता हैचेहरे पे चिंता की लकीरें गहराता जाता है।उम्रदराज़ शरीर कुछ और मुरझा जाता
चार बातें सूना दींएक गोलगप्पे के लिएबेआबरू होकर तेरेठेले से हम तो चले फ्री का गोलगप्पाइतना ही तो माँगा थाआलू
गली में भूरी डॉगी ने छः प्यारे प्यारे पपीज़ दिएमासूम थे भूरे से बड़े सुंदर सुन्दर क्यूट से पपीज़ प्यारे
एक अदद सरफिरी बेगम जैसे मौसम रंग बदल रहा हैकभी तपा देता गर्मी से कभी कम्बल कम पड़ रहा है
जो कभी न ख़त्म हो मैं हूँ वो मस्ती का खजानारहता हूँ चिल हरदम चीअरफुल जाने ये ज़मानाआये सामने कोई