मारम पिट्टी (Maram-Pitti)
शर्मा जी पार्क में जावें नित जावें हैं दोड़ लगाएंअच्छा खावें बढ़िया पहने सेहत पे यों ध्यान लगाएं एक दिनअनहोनी […]
शर्मा जी पार्क में जावें नित जावें हैं दोड़ लगाएंअच्छा खावें बढ़िया पहने सेहत पे यों ध्यान लगाएं एक दिनअनहोनी […]
सुबह रात ग़ुम कायनात फ़्रस्ट्रेशन चप्पे चप्पेनयी चाट रोज़ हो तुम खिलाते तौबा लारे लप्पेकब तक खाएं हम तेरे बिन
सरकारी था ऑफिस उस ऑफिस में मैडमबॉस की थी चहेती उनके सुपरवाइज़र हमप्रेम की इस कहानी का एक हिस्सा थे
मलाई तो मलाई है सबने ही खायी हैमुझे भी पसंद बहुत वैसे तो मलाई हैपर क्यों मलाई चाय पे पड़
कल की चिंता छोड़ जीना सीख आज मेंजो ऐश करनी है कर ले बाप के राज मेंबाप की पूंजी में
नए शहर की एक गलीजहाँ न पहुँच सके रविसम्मलेन जाने से पहलेगुजरे वहां से कवि बाल आ गए कान परगए
पढ़या लिखा हूँ टैलेंटेड हूँग्रेजुएट मैं एम बी ए हूँडाटा दूँ तने रिपोर्ट बनाऊंकम सैलरी पे हुकुम बजाऊंटाइम ते आऊं
मटर को टमाटर से इश्क़ नहीं है मगर टमाटर बिन दाल मटर की गलती नहीं हैहरी है मटर और जो
बीवी की मात जो है मेरी सास बनी मेरी बॉसअब मने मुक्ति कोन दिलावेघर बीवी दफ्तर में सास रोज़ मेरीखाट
प्रवचन में बैठे बाबाजी ने फरमायाजिन भक्तों के शरीर पर है दर्द का सायामेरे पास नुस्खा है वो जिसने भी
कौन सा ऐसा सगा है बोलोजिस से हमने दगा कियाकाम गिनाओ कोई ऐसाजो हमने पूरा नहीं किया सूरज को हमने
याद आती हैं रेलगाड़ी की स्लीपर क्लास की सीटेंज़िन पर हम खा पीकर सो जाते थे चादर खींचे एक सीट
कितनी कोशिश करता हूँ बाज तुम नहीं आती होपब्लिक प्लेस घर सड़क कहीं भी शुरू हो जाती होकहना मान लो
ये भड़ास किसलिए ये प्यास किसलिएतुम तो थे झक्कास तो बकवास किसलिए तीन में तुम नहीं न हो तरह मेंफंसे
बॉस चैक मेरा रोज़ प्रोफाइल करता हैमेरे हुनर का यूँ तो इस्तेकबाल करता हैतनखा नहीं बढ़ाता स्माइल करता है सामने
चंदा की पूजा कर छलनी में देखेगीपहले चाँद फिर साजन को देखेगीसारा दिन निर्जला व्रत रख सजनीअपने साजन को कुछ
पापा ने बेटे संग जोड़ी बना डालीढ़लती उम्र में जवानी दिखा डालीबेटे की बाइक पर निकले जो सैर को बेटे
तू रानी तो मैं भी रानी कौन भरे पानीनोट नहीं पॉकेट में पीते चाय ईरानीतू रानी तो मैं भी रानी
अपने मुकेश की माँ बीमारबहुत बीमार थी क्योंकि वह गुटखेकी बुरी लत की शिकार थीतम्बाकू के अधिक सेवन सेमाँ के
पिताजी बार बारकहते कहते मर गएप्रतिभाशाली बनो प्रतिभाशाली बनोप्रतिभाशाली बनो पिताजी मर गएपर उनके वे शब्द सदाउसके कानों में गूंजते