गधे को कहाँ पता…(GKKP)
गधे का जनम गधों के बीच हुआ है,होशियार नहीं—मगर sincere पूरा है। गधे को कहाँ पता वो गधों में जन्मा […]
गधे का जनम गधों के बीच हुआ है,होशियार नहीं—मगर sincere पूरा है। गधे को कहाँ पता वो गधों में जन्मा […]
समोसे को देखा होगा दोस्तों तुमनेशाही अंदाज़ में सजे मुड़े हैं कोनेताज सजा सर कितना इठलाता हैसबका फ़ेवरेट बूढ़े बच्चे
एक नजर मेरी तरफ तू देख तो लेपहलू में मुझे अपने ज़रा रख तो लेगोली बीपी की मैं रखुंगी ठीक
बन्ना खड़ा मुँह बनाये खाना घर का उसको न भायेरोटी सब्ज़ी से नैन चुराये पिज़्ज़ा बर्गर बस वो उड़ायेबन्ना खड़ा
आज फनिवार है दिल्ली को खुमार हैछुट्टी है आराम कर रही चिंता न विकार है पांच दिन दोड़ी है दिल्लीजैसे
“आठ बजे की मेट्रो प्यारे, जब जब तुझको ले जायेगी…धिक्चिक धिक्चिक धिक्चिक धिक्चिक धिक्चिक धिक्चिक ले जायेगी…” “मौजपुर की ओर
मार्टिन सूंघे हुए मच्छर की तरह पड़ेन जूनून है न तो जूं जो कानों पर रेंगेन शर्म है हमें और
चाहत में अगर दम है बन्देकायनात तेरे साथ होहर महफ़िल का तू हीरोहर जुबां पे तेरी बात हो दूध बस
अपनी तो हमसे धुलती नहीं थीभगदड़ दिन की सुलटती नहीं थीपहिये आपस में रगड़ खाते थेगाड़ी पटरी पर भगती नहीं
एक कप मसाला चायअदरक की महक आयरामकसम दिन बन जायखिले मन चाय मिल जाय बिस्तर में जो चाय मिलेनींद खुले
लव यू बेबीलव यू बेबीलव यू बेबीलव यू बेबीलव यू बेबी पर मैं तुमसे प्यार नहीं करतीलव यू बेबीलव यू
मैं तुम्हारी दाढ़ी का वो सफ़ेद बाल हूँछुपता हूँ कहीं तुम्हें नज़र न आ जाऊँमुझे मिटा डालो आईने की गवाही
ऐ हुस्न ज़रा जाग तुझे इश्क़ जगायेकाहे मुझे तू ख़ौफ़ज़दा खर्राटे सुनाएऐ हुस्न ज़रा जाग तुझे इश्क़ जगायेऐ हुस्न ज़रा
लाइफ हुई झंड, बना दो झिंगालालादे दो मुझको एक समोसा आलूवालाखट्टी चटनी, सोंठ मसाला, तीखा वालामुझको दे दो एक समोसा
ये दुल्हन…ये दुल्हन..ये दुल्हन बच्चू ..तुझे जो थमा दी गयी हैये दुल्हन बच्चू तुझे जो थमा दी गयी हैये दुल्हन
शुक्रिया तुम्हारा है ढलती उम्र में हमसे रोमांस कर लियाचमकते हैं अब हम जैसे घर पुराने को नया पेंट कर
आप खाने की बात करते हैंहमने तो धोखे भी खाए हैंनिगले हैं. समोसे बिन आलूवालेदही के शोलों के बिल चुकाए
[Verse 1]चिन्दी चोर मैं लौंडामैं चप्पल मंदिर से चुरातीमैं गुल्लू दीवानाचमेली मैं हूँ जानी जाती मिल जाएँ हम जो दोनोंगैंग
क्यों न थोड़ी चरबी चढ़ा ली जाएक्यों न थोड़ी चरबी चढ़ा ली जाएक्यों न थोड़ी चरबी चढ़ा ली जाएक्यों न
खाया पिया ख़ास कुछ नहींगिलास फोड़ा चार आनामलहम लगाएंगे हम पहले मगरहमारी दवा कर जाना बड़ा मुश्किल है तेरे पहलू