कौन सा खत (KSK)
[Verse 1] सुबह खाकर एक बर्गर कंधे पे लादे हुए बोझ चौक से चांदनी चौक तक बांटा करता हूँ रोज
[Verse 1] सुबह खाकर एक बर्गर कंधे पे लादे हुए बोझ चौक से चांदनी चौक तक बांटा करता हूँ रोज
[Verse 1]तेरी मोहब्बत के फूलरखे थे जो हमने किताबों मेंतेरे लिखे हुए खतबंद अलमारी में हर खत पे तेरा नामहर
[Verse 1] रेलगाड़ी की स्लीपर क्लास खिड़की की ठंडी हवा तेरे उड़ते हुए बाल थे और दिल मेरा फ़िदा न
[Intro] [ambient piano, distant cello, soft wind texture] कुछ सफर तुमने तय किया कुछ हमने तुमने पलकों पर सजाया हमने
[Verse 1] जान निकल गयी सीने से आँखें मगर खुली हैं आकर देख मंज़र एक दुनिया उजड़ गयी है दरवाज़े
ये तो बड़ा टोइंग हैसच में बड़ा टोइंग हैसड़क से ये गाड़ियांटो करके ले जाता हैलिहाज़ नहीं करताजबरन ही ले
एक समय था, जब धरती और समंदर साथ-साथ रहते थे।कालांतर में प्रकृति ने दोनों को अलग-अलगज़िम्मेदारियाँ सौंप दीं भिन्न भिन्न
तेरी चाय के कप पेमेरा नाम लिखा थाअब मेज़ पर है बुझीमोमबत्ती का धुआं तेरी चप्पल के निशानछपे हैं दरवाज़े
मैं मर्द हूँ, बेदर्द हूँमैं नहीं समझतामुझे दर्द नहीं होतातुम यूं ही मेरे दिल कोअपने तानों सेरोज के उल्हानों सेज़ख्म
कल से ज़मीन तेरे नाम लिख जाएगी,कागज़ से ज्यादा ज़ेहन पे छप जाएगीकल से ज़मींदार तू मालिक कहलाएगादौलतमंदों की ज़मात
मेरी सैलरी तू बैंक में जिस रोज़ आ जाती हैअरमानों को मेरे तू नए पंख देकर जाती हैबिजली बिल, पानी
तू जलती माचिस की तीली मैं पेट्रोल हूँ खतरनाकमेरा पास न आना तू फूंक डालूंगा ये जहान आज मटक मटक
देख बे दर्द खड़ा है वहां चल आज इसे बताते हैं आज नहीं छोड़ेंगे इसको यही पे चटनी बनाते हैं
क्या करेगा व्हाट्सएपऔर क्या करेगी एआईखुशी बांटो है व्हाट्सएपकहकहे लगाओ, व्हाट्सएपशादी ब्याह त्यौहार कोई भीसबको मनाए व्हाट्सएप क्या हो कोई
इमामदस्ते ने अदरक से ये कहा—“बहुत चर्बी चढ़ी है तुझे बेटा, तू गया!ऐसा ठोकूँगा—सीधा चाय में गिरेगा,कचूमर बना दूँगा—बस जूस
इस दिल के ख्वाब सारेतेरे नाम से सजेंतेरी बाहों में सनम हरपल सुकूं से रहें नींदों में भी बस तू
पांच फीट तीन इंच? पांच फीट तीन इंच! क्या है ये भगवन? नहीं! क्या है ये भगवन? मिट्टी खत्म हो
तेरह साल की बच्ची और तीन दरिंदे हैवानियत बीती पिता किससे कहे पहली औलाद थी उसकी प्यारी थी सब अरमां
ओ डोंगे ओ बर्तन पोंगे चल तुझे फेंक कर आऊं में तुझसे पक चुका हूँ चल ठिकाने लगा आऊं ओ
काय हो गया रे पगली, कायकू हँसतेच जा रई? कान में इयरपीस डालको बातां बनाये जा रई? कुछ सुन रई,