आप फौज में हैं
बात भेजे में डालनाआप फौज में हैंगलतफहमी न पालनाजनाब मौज में हैं जंगल से चले आये होसिस्टम में रहना हैहर […]
बात भेजे में डालनाआप फौज में हैंगलतफहमी न पालनाजनाब मौज में हैं जंगल से चले आये होसिस्टम में रहना हैहर […]
उम्र के हर पड़ाव पर ख़ुशी के मायने अलग हैंक्योंकि होती सोच अलग है ताने बाने अलग हैं बचपन की
मैं फ़न की वो किताब हूं जिसे कोई नहीं पढ़तामेरे तज़ुर्बे को खुद के लिए इस्तेमाल नहीं करता एक जिंदगी
आज फिर एक बार दर्द से मैं रूबरू हुआसालोंसाल का था सिलसिला जो शुरू हुआलिया कुछ न दिया कुछ खामखां
पिता का चेहरा गौर से देख लेतीस साल बाद तू होगा ऐसा हीयही तेरा वजूद है जो सामने हैहै तेरा
मेरे सनम से भी कहीं लम्बा इंतज़ार कराता हैकचरेवाले बता तू क्यों समय से नहीं आता है सुबह सवेरे ही
मैं देख रहा हूँ सामने एक घर जा रहा हैवो पीछे चल रही है वो आगे जा रहा हैउसके हाथ
भैया को क्यों नहीं ब्याहती मम्मी मेरे लिए ही जल्दी थीपढाई छुड़ाकर क्यों मेरी ही किस्मत तूने लिख दी थी
खामियों को खुद पर न हावी होने दे वो शेर हैअपने डर की किसी को चाबी ना दे वो शेर
ज़िन्दगी थी तब मामू मूनमाँ की गोद चंदा सा सुकून,दुनिया का नहीं कोई डरनहीं था कोई जुनूनजवाबों की फ़िक्र नहींसिर्फ़
उसे और कुछ कहाँ आता थापढ़ा लिखा भी ज़्यादा नहीं थास्कूल से एक दिन भागकर वोअचानक मुंबई चला आया थासपनो
वो तो सवाल उठायेगीवर्ना जिज्ञासा बढ़ती जाएगीनींद नहीं आएगी उसेथपकी दे दो गोली दे दोजब तक शांत न हो जायेगीसवाल
मैंने तो नहीं कहा थाक्यों तुम भगवान मानने लगेकभी गलत नहीं होऊंगातुम क्यों यह मानने लगे मैंने कभी तुमसे ऐसा
भूखे पेट तो न सोता था वोपेट काट कर तो न जीता था वोमगर सोचकर खर्च करता था वोमाँ की
ऐ व्हाट्सप्प मेरेतेरा शुक्रियाउन्होंने कुछ लिखाजवाब मैंने भी दियातूने तुरंत भेज दियासिंगल टिक करकेफिर डबल कियामुझे बता दियामैसेज मिल गया
चल गणेशचंद चलमुझे बाहर लेकर चलबड़ी जोरों से लगी हैमेरा बदन देख जोरहा है बेकल, चल एक तू ही मुझे
एक बूंद बारिश कीदुल्हन सी आसमान सेविदा हुई पेड़ पर गिरी पेड़ की डाल से ‘टप’नीचे जमे पानी कीगोद में
मैं अपनी जिंदगी का हीरो हूँकाश जिंदगी फिल्म का परदा होतीनाटक तो अब भी होते हैंबस मैने कई हीरोइनें बदल
माफ़ करना जी माफ़ करनाभाई जी सुन तो लो सॉरी!कोई तो सुन लो मैं सॉरी हूँ जीआप यूं गुस्से से
सूने सूने ख्वाबों मेंजब तक तुम न आए थेखुशियाँ थी सब औरों कीग़म भी सारे पराए थेसबसे छुपाकर रखी थीबोतल